नए साल में रामनगरी में श्रद्धालुओं की लंबी कतार... हनुमानगढ़ी पर भक्तों की भारी भीड़, राम की पैड़ी व लता चौक पर उमड़ा हुजूम
अयोध्या, अमृत विचार। नववर्ष के दूसरे दिन भी रामनगरी श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रही। सुबह से ही रामलला के दर्शन का दौर शुरू हो गया और शाम तक लाखों भक्तों ने प्रभु के चरणों में माथा टेका। राम मंदिर के साथ-साथ हनुमानगढ़ी मंदिर पर भी लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। राम की पैड़ी और लता मंगेशकर चौक पर भी भक्तों का हुजूम उमड़ा रहा। वीकेंड और प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उत्सव के कारण देश के कोने कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिससे शहर की सड़कें और घाट भक्तों से गुलजार हो गए। वहीं, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुक्रवार को द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव का समापन हुआ।
नए साल के पहले दिन एक जनवरी को राम मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। दूसरे दिन भी यह सिलसिला जारी रहा। ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। भोर से ही श्रीराम जन्मभूमि पथ पर कतारें लग गई। दिन भर मंदिर परिसर ''''जय श्री राम'''' के जयकारों से गूंजता रहा। हनुमानगढ़ी मंदिर पर भी यही स्थिति रही। कई भक्तों ने सरयू घाट पर स्नान कर दोनों मंदिरों में दर्शन किए। राम की पैड़ी पर युवाओं और परिवारों की भीड़ अधिक रही। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार पिछले तीन दिनों में करीब छह लाख से अधिक भक्तों ने रामलला का दर्शन किया। वहीं भारी भीड़ के चलते शहर के होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं पूरी तरह फुल रहीं। कई श्रद्धालु रात भर ट्रेन या बस स्टेशन पर इंतजार करते दिखे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं।
श्रीरामचरित मानस पाठ का हुआ पारायन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा 27 दिसंबर से दो जनवरी तक आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव के पांचवें व अंतिम दिन श्रीरामचरित मानस पाठ का पारायन हुआ। मानस प्रेमी श्रोता भी गायक टीम के साथ रामचरितमानस का पाठ करते रहे। श्रीश्री मां आनंदमयी मानस परिवार कानपुर द्वारा "सीता राम चरण रति मोरे, अनुदिन बढ़उं अनुग्रह तोरे" संपुट के साथ व्यास कानपुर के योगेश भसीन ने श्री रामचरितमानस के उत्तरकांड के आठवें विश्राम से आगे पाठ शुरू किया। संगीतमय श्री रामचरितमानस पाठ 23 सदस्यों द्वारा क्रमशः प्रस्तुत किया गया। अंत में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय व गोपाल राव ने प्रतिष्ठा द्वादशी की व्याख्या करते हुए मानस परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजक प्रेम प्रकाश मिश्र, सत्येंद्र श्रीवास्तव, अजय कुमार मिश्रा, धनंजय पाठक, रामशंकर उर्फ़ टिन्नू, अश्वनी अग्रवाल, डॉ चंद्र गोपाल, नरेन्द्र समेत अन्य मौजूद रहे। वहीं, फिनलैंड में निवास कर रहे सनातनी बंधुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से हनुमान जन्मोत्सव का दिव्य आयोजन किया। सनातन परंपरा के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव का उत्सव दक्षिण भारत के अनेक क्षेत्रों में दिसंबर माह में किया जाता है।
ज्ञान से अहंकार और भक्ति से पवित्रता की प्राप्ति : रामदिनेशाचार्य
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव (पाटोत्सव) के पांचवें औऱ अंतिम दिन अंगद टीला के श्रीराम कथा मंच से जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि ज्ञान आप को उच्चपद पर तो ले जा सकता है पर भक्ति से पवित्रता पाई जा सकती। ज्ञान मार्ग से परिश्रम की व भक्ति मार्ग से समर्पण की आवश्यकता है, इसके लिए मन वचन औऱ कर्म से चतुराई छोड़ कर समर्पण की भावना जाग्रत करना होगा। भगवान को ब्रह्म, पिता या बड़ा मानोगे तो स्वतः कामना जग जाएगी। मंच पर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, राजेंद्र सिंह पंकज, धनंजय पाठक, डॉ चंद्र गोपाल पाण्डेय, डॉ अनिल मिश्र, यजमान नरेश गर्ग, मुन्नालाल गोयल, प्रणय मुद्दगल, हेमलता राठौर समेत अन्य मौजूद रहे। गोपाल जी ने कथा व्यास और उनकी टोली का आभार व्यक्त किया।
