गोंडा : राष्ट्र कथा में बोले मंत्री एके शर्मा- राष्ट्रगान-राष्ट्रीय गीत व ध्वज देश की एकता व अखंडता के प्रतीक
गोंडा, अमृत विचार। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की एकता व अखंडता के सबसे बड़े प्रतीक हैं और इनका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान जन-गण-मन हमारे देश की भौगोलिक सीमाओं का वर्णन करता है, जबकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् मां भारती के वैभव और उसके वात्सल्य का भाव प्रस्तुत करता है।
ऊर्जा मंत्री शुक्रवार की देर शाम नंदिनी नगर में आयोजित राष्ट्र कथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वंदे मातरम् का विषय आज का नहीं है। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को निर्णय लिया था कि जन गण मन राष्ट्रगान होगा और वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत। ऐसे में जो लोग राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान का विरोध करते हैं, वे देश की भावनाओं के विरुद्ध खड़े हैं।
एके शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति भारत भूमि पर रहता है, भारत का अन्न खाता है और फिर भी राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान नहीं करता, यह असंभव और अस्वीकार्य है। ये तीनों देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं, इनका कोई विकल्प नहीं हो सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में रहकर भारत की पहचान और प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऊर्जा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि वंदे मातरम् का विरोध करने वालों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए और ऐसे लोगों को देशहित में बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए।
उर्जा मंत्री ने राष्ट्र कथा को बताया विलक्षण
उर्जा मंत्री एके शर्मा ने नंदिनी नगर में आयोजित राष्ट्र कथा को विलक्षण बताते हुए कहा कि यह कई दृष्टियों से विलक्षण और ऐतिहासिक है। कथा वाचन वृंदावन भवन के प्रख्यात संत रितेश्वर महाराज द्वारा किया जा रहा है,जिनके प्रति जनमानस में गहरी श्रद्धा और आस्था है। कथा के आयोजन के लिए उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह व सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह की सराहना की।
