लखनऊ : लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में लापरवाही का आरोप, इलाज न मिलने से बुजुर्ग महिला की मौत
लखनऊ, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार रात इलाज के अभाव में मोहनलालगंज से गंभीर हालत में लाई गई 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। परिवारीजनों ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों और स्टाफ पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते इलाज न मिलने से महिला का गोल्डन ऑवर निकल गया, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

80 वर्षीय बुजुर्ग महिला कलावती की फाइल फोटो
मोहनलालगंज के गनियार गांव निवासी वकील सुरेश सिंह के अनुसार उनकी मां कलावती (80) को सांस लेने में तकलीफ होने पर शुक्रवार रात करीब 11 बजे एम्बुलेंस से लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में लाया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने मरीज को दो घंटे से अधिक समय तक देखा तक नहीं। परिजनों द्वारा बार-बार गुहार लगाने पर केवल ग्लूकोज की बोतल लगाई गई, लेकिन कोई चिकित्सक जांच के लिए नहीं आया।
सुरेश सिंह का कहना है कि जब उन्होंने बार-बार डॉक्टर से मरीज को देखने की मांग की तो स्टाफ और डॉक्टर नाराज हो गए। इलाज न होता देख हताश होकर वह अपनी मां को निजी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन शहीद पथ पर पहुंचते ही उनकी मां ने दम तोड़ दिया।
निजी अस्पताल ले जाने को करते हैं मजबूर
परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में रात के समय आने वाले मरीजों को गंभीरता से नहीं देखा जाता, जिससे परिजन मजबूर होकर निजी अस्पतालों की ओर रुख करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरजेंसी में निजी अस्पतालों के दलाल सक्रिय रहते हैं, जो सरकारी खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज का झांसा देकर मरीजों के परिजनों को फंसा लेते हैं। उन लोगों को भी एक दलाल ने झांसा दिया था। मृतका के परिवारीजनों ने मामले की शिकायत उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से करने की बात कही है और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन
ऐसी लापरवाही बर्दास्त नहीं है। इसको निदेशक के संज्ञान में लाकर जांच कराई जाएगी। यदि इमरजेंसी में मरीजों के साथ लापरवाही हो रही तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। डॉ. भुवनचंद्र तिवारी, प्रवक्ता लोहिया संस्थान
