स्वाद भी और रोजगार भी... क्यूजीन क्लस्टर मॉडल से बदलेगी प्रदेश की खाद्य अर्थव्यवस्था

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Published By Muskan Dixit
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जिलों के विशिष्ट व पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगी संगठित पहचान

लखनऊ, अमृत विचार: प्रस्तावित वन डिस्ट्रिक्ट–वन क्यूजीन (ओडीओसी) मॉडल के तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में क्यूजीन क्लस्टर विकसित किए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य हर जिले के विशिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों को संगठित पहचान देना, आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

क्यूजीन क्लस्टर मॉडल के अंतर्गत प्रत्येक मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के प्रमुख व्यंजनों को चिन्हित कर गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा। इससे पारंपरिक स्वाद सुरक्षित भी रहेंगे और आधुनिक उपभोक्ता की पसंद के अनुरूप प्रस्तुत भी हो सकेंगे। यह मॉडल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

सरकार की प्रो-इंडस्ट्री नीति, सिंगल विंडो सिस्टम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के चलते फूड सेक्टर में निवेश को नई गति मिलेगी। ओडीओसी मॉडल के अंतर्गत स्थानीय उत्पादकों को एफएसएसएआई अनुपालन, ब्रांडिंग सपोर्ट और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपने उत्पाद विकसित कर सकें।

क्यूजीन क्लस्टर आधारित विकास से प्रदेश में रोजगार सृजन, स्थानीय निवेश और फूड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। होटल, रेस्टोरेंट और प्रमुख धार्मिक-पर्यटन स्थलों पर ओडीओसी क्यूजीन को प्रमोट किया जाएगा। यह पहल पारंपरिक स्वाद को नई पहचान देने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को मजबूती प्रदान करेगी और यूपी को एक उभरते फूड डेस्टिनेशन स्टेट के रूप में स्थापित करेगी।

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यूपी के पारंपरिक व्यंजन बनेंगे फूड ब्रांड

ओडीओसी के तहत आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, गोरखपुर का लिट्टी-चोखा, कानपुर का समोसा और विभिन्न क्षेत्रों के लड्डू जैसे लोकप्रिय व्यंजनों को राज्य स्तरीय फूड ब्रांड के रूप में विकसित करने की योजना है। ये व्यंजन अब केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, फूड फेस्टिवल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पर्यटन स्थलों के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचेंगे।

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फूड स्टार्टअप और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश सरकार इस पहल के जरिए फूड स्टार्टअप, एमएसएमई, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त करने पर जोर दे रही है। क्यूजीन क्लस्टर में फूड प्रोसेसिंग यूनिट, आधुनिक पैकेजिंग, कोल्ड चेन, गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं और कौशल प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

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