दिल्ली ब्लास्ट मामला : यासिर अहमद की हिरासत बढ़ी, कोर्ट ने 16 जनवरी तक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली। लाल किला विस्फोट मामले के आरोपी यासिर अहमद डार को एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को 11 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डार को अदालत में पेश किया गया और उसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने उसे 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने पिछले साल 26 दिसंबर को डार की एनआईए हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ा दी थी। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 18 दिसंबर को मामले में नौवें आरोपी डार को गिरफ्तार किया था। एनआईए के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला डार आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी का करीबी था, जो 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था।
एनआईए ने कहा कि कथित तौर पर डार ने विस्फोट की साजिश रचने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इस मामले में अब तक डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील राथेर, डॉ. शाहीन सईद समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह धमाका एक हुंडई आई 20 कार में हुआ था, जिसमें आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ड्राइविंग सीट पर था।
एनआईए की जांच से यह मामला एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ा लग रहा है, जिसमें फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर शामिल हैं। एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉ. मुजम्मिल शकील गनी, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और अन्य शामिल हैं।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। जांच में विदेशी हैंडलरों के लिंक भी सामने आ रहे हैं। यह गिरफ्तारी मामले में बड़ा कदम मानी जा रही है और आगे और खुलासे होने की उम्मीद है। इस हमले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
