दिल्ली विधानसभा में 2,500 करोड़ रुपये के ‘घोटाला’ की सीबीआई जांच की मांग का प्रस्ताव पारित
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने भाजपा शासित नगर निगमों में कथित 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में सीबीआई जांच की मांग करने वाले एक प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की, जिसके बाद प्रस्ताव पारित हुआ। उन्होंने दावा किया, …
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने भाजपा शासित नगर निगमों में कथित 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में सीबीआई जांच की मांग करने वाले एक प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की, जिसके बाद प्रस्ताव पारित हुआ। उन्होंने दावा किया, ” भाजपा शासित निगमों में भ्रष्टाचार के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। भ्रष्टाचार के मामले में नए पार्षदों ने अपने पुराने पार्षदों के भी रिकॉर्ड तोड़ दिए।”
भारद्वाज ने कहा, ” नगर निगम दिल्ली के लिए बेटी जैसी है, जिसे भाजपा को सौंपा गया था जिसने उसके साथ सास जैसा बर्ताव किया। भाजपा उसी तरह का व्यवहार करते हुए आप से 13,000 करोड़ रुपये की मांग कर रही है। 2017 नगर निगम चुनाव में भाजपा ने अपने सभी पार्षदों को बदल दिया था क्योंकि लोग उनसे खुश नहीं थे।” आप विधायक ने आरोप लगाया कि यहां भ्रष्टाचार हजारों करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा, ” निगमों के भवन विभाग भ्रष्टाचार और रिश्वत की मांग के लिए बदनाम हैं। भाजपा के एक पार्षद को सीबीआई ने एक इमारत के निर्माण के संबंध में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।”
विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने 2,500 करोड़ रुपये के कोष के हेरफेर के आरोप को ‘निराधार’ करार दिया। भाजपा विधायक ओपी शर्मा को जब चर्चा के दौरान बोलने की इजाजत नहीं मिली तो उन्होंने सदन का बायकाट किया। भाजपा के विधायकों ने अपनी सीटों पर तख्तियां दिखाते हुए नगर इकाइयों के बकाया 13000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की। इससे पहले सदन में आप के विधायकों ने नगर निगमों में 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाने वाला बड़ा पोस्टर भी लहराया था। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी क्योंकि व्यवस्था बनाए रखने और कार्यवाही जारी रखने के उनके प्रयास के बाद भी आप के विधायक बैनर दिखाते हुए नारे लगा रहे थे।
दिल्ली नगर निगमों में 2,500 करोड़ रुपये का घोटाला राष्ट्रमंडल खेल घोटाले से भी बड़ा है: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को भाजपा शासित नगर निगमों में 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रमंडल खेल घोटाले से भी बड़ा बताया। दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इमारतों के लिए आवश्यक अनुमति देते समय नगर निगमों में हर साल 5,000-10,000 करोड़ रुपये के घोटाले होते हैं।
उन्होंने कहा, ” यह बेहद दुखद दिन है क्योंकि हम एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) में हुए सबसे बड़े घोटाले की बात कर रहे हैं। 2,500 करोड़ रुपये का घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले से भी बड़ा है। यहां तक कि सड़कों पर भी लोग एमसीडी में भ्रष्टाचार की बात करते हैं और वहीं लोग दिल्ली सरकार के ईमानदार होने की बात भी करते हैं।” केजरीवाल ने कहा, ” इन 2,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरों और निगम के अन्य कर्मचारियों का वेतन देने के लिए किया जा सकता था।
इसका इस्तेमाल 12,500 अस्पतालों के बिस्तर (बेड) या 7500 मोहल्ला क्लीनिक बनाने के लिए किया जा सकता था।” आप के राष्ट्रीय संयोजक ने सदन में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी से कथित घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के लिए दबाव बनाने को भी कहा। उन्होंने कहा, ” नगर निगम में भाजपा के 15 साल के शासन का काला युग अब समाप्त होने वाला है।”
