Bareilly: गांधी उद्यान समेत बदहाल हो रहे स्मार्ट सिटी के पार्क, गांधी उद्यान की जल तरंग की स्वर लहरियां शांत 

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के पार्कों की स्थिति अच्छी नहीं है। शहर के प्रमुख गांधी उद्यान को आकर्षक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई सुविधाएं विकसित की गई थीं, लेकिन देख-रेख के अभाव में सब बंद हैं। जलतरंग में म्यूजिक संग पानी की तरंगें रंग-बिरंगी लाइटों के बीच जल क्रीड़ा करती नजर आती थीं लेकिन रखरखाव में लापरवाही की वजह से फ्लोर ही क्षतिग्रस्त है। इसे बनाने में कई लाख रुपये खर्च किए गए थे। उद्यान के परिसर में जगह-जगह स्पीकर लगाए गए, ताकि टहलते समय लोग जलतरंग के संगीत का भी आनंद ले सकें। वह भी बंद हो गया।

गांधी उद्यान में लगाया गया म्यूजिक सिस्टम लंबे समय से बंद पड़ा है। कई स्पीकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों से स्पीकर गायब हैं। पाइप लाइन टूटने के कारण वॉक फाउंटेन के फव्वारे भी काम नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि पार्क में घूमने आने वाले कई लोगों को यह तक जानकारी नहीं है कि यहां कभी संगीत की धुनों पर लाइटों के साथ फव्वारों का आकर्षक प्रदर्शन भी हुआ करता था। कुछ लोगों ने पार्कों में पीने के पानी की भी सुविधा न होने का आरोप लगाया है।

वहीं, सिविल लाइंस में मंडलायुक्त के आवास के सामने बने पंडित गोविन्द वल्लभ पंत और इसके समीप बने राम मनोहर लोहिया पार्क में भी फव्वारे जर्जर अवस्था में हैं और लंबे समय से बंद पड़े हैं। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना के तहत विकसित की गई इन सुविधाओं का लाभ आमजन को नहीं मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय-समय पर रखरखाव और मरम्मत कराई जाए तो ये सुविधाएं फिर शुरू हो सकती हैं। गांधी उद्यान की देखरेख करने वाले कर्मियों ने बताया कि म्यूजिक सिस्टम में कोई कमी आ गयी है, इसलिए काफी समय से बंद है। वॉक फाउंटेन के फव्वारे के पाइप 31 दिसम्बर को कुछ लड़कों ने तोड़ दिए थे। जल तरंग बीती दिवाली पर काम कर रही थी। इसके बाद से बंद है।

क्या कहते हैं लोग
सचिन ने बताया कि पुराना शहर निवासी अरुन जायसवाल ने बताया कि सुबह के समय गांधी उद्यान में करीब दो हजार लोग मॉर्निंग वॉक को आते हैं। पार्क में करीब 80 स्पीकर लगे थे। काफी दिनों से सब बंद हैं। फरीदपुर निवासी सचिन ने बताया कि पार्क में कुत्तों के हमले से कई महिलाएं और बच्चे जख्मी हो चुके हैं। पार्क में पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। एक नल योगा कैम्पस के पास है। वह भी खराब है। काली बाड़ी निवासी कपिल पाल ने बताया कि वह गांधी उद्यान कई बार आ चुके हैं, लेकिन उन्हें जल तरंग, वॉक म्यूजिक आदि की जानकारी नहीं है। वह पार्क घूमकर सदैव ऐसे ही वापस चले गये। सन सिटी निवासी सुनील सक्सेना ने बताया कि वह बहुत दिनों बाद गांधी उद्यान आये हैं। पार्क में सुविधाएं बढ़नी चाहिए। मरम्मत कार्य होते रहना चाहिए, ताकि लोग बार-बार आने के लिए उत्सुक हों। लोहिया पार्क में बैठे जगतपुर नई बस्ती निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि इस पार्क में काफी समय से फव्वारा खराब है। पहले साफ सफाई हो जाती थी, लेकिन अब इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

संबंधित समाचार