CM योगी का सख्त संदेशः NHAI प्रोजेक्ट्स में पेड़ कटान सिर्फ अंतिम विकल्प, हर पेड़ के बदले 3-5 गुना ज्यादा रोपण अनिवार्य
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अनिवार्य है, लेकिन यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति है, किसी भी परियोजना में अपरिहार्य होने पर ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में संचालित व प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की सड़क परियोजनाओं की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें। जहां किसी स्तर पर प्रकरण लंबित हो, उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। साथ ही, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक विलंब रोका जा सके और निर्णय शीघ्र हों।
भूमि अधिग्रहण के मामलों पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसानों से सीधा संवाद किया जाए और बिचौलियों के हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश न रहे। इससे किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे और प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके।
