विधान भवन के गुंबद पर पहली बार प्रोजेक्शन मैपिंग शो, मुख्यमंत्री योगी ने किया शुभारंभ
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश विधानमंडलीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के इतिहास में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के भव्य गुंबद पर अत्याधुनिक प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीक से तैयार ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी उपस्थित रहे।
प्रोजेक्शन मैपिंग शो के माध्यम से विधान भवन के गुंबद पर उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, लोकतांत्रिक परंपराओं और विकास यात्रा का सजीव दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण किया गया। आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता के समन्वय से तैयार इस कार्यक्रम ने दर्शकों को प्रदेश की ऐतिहासिक यात्रा से जोड़ दिया। यह प्रयोग देश की विधान सभाओं में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश की विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की परिकल्पना और मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को साकार किया गया है। उनका उद्देश्य विधान सभा परिसर को केवल विधायी गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक बनाना है।
इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पीठासीन अधिकारियों और विधानमंडलीय अधिकारियों को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक वैभव और ऐतिहासिक धरोहर से परिचित कराया जाएगा।
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राजधानी लखनऊ में 19 जनवरी से 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) तथा विधान सभाओं एवं विधान परिषदों के सचिवों का 62वां सम्मेलन आयोजित होगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे, जिसमें देशभर से पीठासीन अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
