करीब 8 साल बाद हुई सहायक अध्यापक की प्रारंभिक परीक्षा... एक मिनट की देरी पर छूटा पर्चा, बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थी
रात भर बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थी डाले रहे डेरा
लखनऊ, अमृत विचार: सहायक अध्यापक प्रारंभिक परीक्षा-2025 के लिए रविवार को होने वाली परीक्षा में भाग लेने के लिए विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी पहुंच गए। करीब 8 साल बाद हुई सहायक अध्यापक की प्रारंभिक परीक्षा के लिए बहुत बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शनिवार रात को ही लखनऊ पहुंच गए। रात भर बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन पर डेरा जमाए रहे। अभ्यर्थियों ने रविवार को परीक्षा दी। कड़ी जांच और निगरानी के बाद परीक्षा प्रारंभ होने के करीब 45 मिनट पूर्व ही परीक्षा केंद्रों के दरवाजे बंद कर लिए गए। कई छात्रों का कहना था कि मात्र एक मिनट की देरी हुई थी लेकिन दरवाजे बंद रहे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई, प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9 से 11 और दूसरी पाली की परीक्षा 3 से 5 बजे तक आयोजित की गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि लोक सेवा आयोग द्वारा इस परीक्षा का आयोजन वर्ष 2018 के बाद किया गया जिसमें प्रदेश भर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
परीक्षा में समसामयिक और विषय आधारित कुल 150 प्रश्न पूछे गए जिसमें समसामयिक प्रश्नों की संख्या 30 रही जबकि विषय आधारित 120 प्रश्न पूछे गए। परीक्षा देकर बाहर आए ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र औसत दर्जे का था तो मुख्य परीक्षा के लिए वह आशान्वित हैं। सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सात बजे ही परीक्षा केंद्रों के पास पंक्तियों मेँ खड़ा कर दिया गया। सघन जांच के बाद 8 बजकर 15 मिनट पर परीक्षा केंद्रों के दरवाजे बंद कर लिए गए।
एक मिनट की देरी से छूटा इम्तिहान
लोक सेवा आयोग परीक्षा देने आए करीब 12 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। कारण कि वह दूसरी पाली में 2 बजकर 15 मिनट के बाद पहुंचे। एक अभ्यर्थी तो पानी खरीदने के लिए गया इतनी देर में दरवाजा बंद कर लिया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने काफी गुहार लगाया लेकिन उनको परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई।
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कुछ ऐसे रहे समसामयिक प्रश्न
-धर्म गार्जियन नाम का सैन्याभ्यास भारत ने किस देश से किया।
-इंडिया विंस फ्रीडम के लेखक कौन है।
-1990 के बाद भारत की आर्थिक नीति में कौन से बदलाव हुए।
-गांधी की दांडी यात्रा से कौन सा जनांदोलन शुरु हुआ।
-मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका कौन सी है।
-डाक विभाग ने पोस्टल कवर और पिक्चर पोस्टकार्ड किसके सम्मान में जारी किया।
-संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अभिमानक क्या है।
बोले अभ्यर्थी
पेपर बहुत अच्छा हुआ है। मुख्य परीक्षा देने का अवसर मिलेगा ऐसा विश्वास है। मै बाराबंकी से आई हूं और लंबे समय से इस परीक्षा के होने का इंतजार कर रही थी।
शिखा तिवारी, बाराबंकी
कई बार टलने के बाद यह परीक्षा हो रही है। कुलमिलाकर पेपर औसत दर्जे का था जो लोग पढे होंगे उनको मुख्य परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चयन हो जाएगा।
श्वेता वर्मा, बाराबंकी
मै रात दो बजे ही गोरखपुर से आ गया था। छात्राओं का केंद्र तो 50 किलोमीटर के दायरे में बना है। लेकिन लड़कों को कहीं भी भेज दिया गया। ऐसा तो है नहीं कि लड़कियों को ठंढ लगती है और लड़कों को नहीं लगती। पेपर अच्छा हुआ है।
शशांक मिश्रा, गोरखपुर
समसामयिक प्रश्नों में कुछ ही कठिन थे जो सबके लिए कठिन थे। लेकिन बाकी प्रश्न आसान आए थे। हमे विश्वास है कि मेरा चयन हो जाएगा।
आरती त्रिपाठी, सुल्तानपुर
बरेली से आया हूं। इतनी दूर परीक्षा केंद्र बनाने का क्या मतलब है। रात 3 बजे हमलोग आए और जिस कार को किराए पर लेकर आए थे उसी में सुबह तक बैठे रहे। परीक्षा ठीक हुई है, प्रश्न आसान थे।
लखन कुमार, बरेली
परीक्षा ठीक हुई है। बहुत लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। हमने जितनी पढ़ाई की है उस हिसाब से प्रश्नपत्र अच्छा हुआ है। यहां पर मेरे साथ लखनऊ से दूर प्रयाग, काशी और बांदा और चित्रकूट तक के छात्र आए हैं।
अजय सोनकर, पीलीभीत
