Lucknow News:एसीपी दफ्तर के पास फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर समेत तीन गिरफ्तार, लाखों की रंगदारी का था मामला
डीसीपी पश्चिम ने मामले की जांच एसीपी बाजारखाला को सौंपी
लखनऊ, अमृत विचार: दुबग्गा स्थित काकोरी एसीपी दफ्तर के पास रंगदारी मांगने एवं प्लाट पर कब्जेदारी के विवाद में दिनदहाड़े फायरिंग की गई। ईंट व पत्थर से हमला कर मजदूरों को घायल किया गया। इस मामले के मुख्य आरोपी व हिस्ट्रीशीटर उमेश रावत उर्फ मूसा को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को गिरफ्तार साहू और फहद को जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। पुलिस नामजद आरोपियों की घटनास्थल पर विवाद के दौरान मौजूदगी को लेकर भी जांच कर रही है। वही पुलिस ने शांति व्यवस्था को लेकर प्लाट पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।
दुबग्गा में एसीपी दफ्तर के सामने अमीनाबाद निवासी फहाम जहीर का प्लाट है। जिस पर कब्जेदारी एवं रंगदारी की मांग को लेकर विवाद चल रहा है। विवाद के चलते रविवार को दिनदहाड़े दबंगो ने दहशत फैलाने के लिए प्लाट पर जाकर हवाई फायरिंग की साथ ही प्लाट पर काम कर मजदूरों व टीन शेड पर ईट बरसाए। जिससे इलाके में दहशत बन गई। मामले में फहाम जहीर ने बेगरिया गांव निवासी इस्लाम उर्फ ओलू, सुफियान, सत्येंद्र रावत, विक्रांत साहू ,तीरथ राम, सौरव रावत, उमेश रावत उर्फ मूसा व सनी खान एवं 15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर अभिनव कुमार वर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों व वायरल वीडियो की जांच पड़ताल में एक अज्ञात युवक द्वारा फायरिंग की पुष्टि हो रही है। टीन शेड पर ईंट बरसाए जाने की आवाज को फायरिंग बताया जा रहा है। वही शांति व्यवस्था के चलते प्लाट पर काम रुकवा दिया गया है।
एसीपी बाजारखाला करेंगे जांच
डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच के लिए एसीपी बाजारखाला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि पता चल सके कि किसकी लापरवाही से यह हुआ है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही तीन टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। फुटेज की मदद से गोली चलाने वालों की तलाश की जा रही है।
