यूपी में बनेंगी अमेरिका जैसी ‘आस्का’ प्रयोगशालाएं, चिकित्सा उपकरणों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वीकृति
लखनऊ, अमृत विचार: चिकित्सा उपकरण बनाने वाले स्टार्टअप और उद्योगपतियों के लिए उत्तर प्रदेश से बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें अपने उत्पादों के निर्यात अनुमोदन के लिए अमेरिका की प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अमेरिका की तर्ज पर आस्का (अनुरूपता आकलन प्रत्यायन योजना) प्रयोगशाला स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए भारत सरकार और निर्यात परिषद ने पहल तेज कर दी है।
यूपी हेल्थ टेक कान्क्लेव 1.0 के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने बताया कि आस्का, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की एक मान्यता योजना है, जिसके तहत चिकित्सा उपकरणों के परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं को मान्यता दी जाती है। इन प्रयोगशालाओं से अनुमोदन मिलने के बाद ही चिकित्सा उपकरणों का अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात संभव हो पाता है। वर्तमान में यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिससे निर्यातकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका, कनाडा, यूरोप, चीन और जापान में करीब 160 आस्का-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं हैं। भारत में पहली ऐसी प्रयोगशाला स्थापित होने से न केवल अनुमोदन की समय-सीमा घटेगी, बल्कि लागत भी कम होगी। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के उत्पादों का परीक्षण और अनुमोदन भी भारत में संभव हो सकेगा। यह प्रयोगशाला सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर स्थापित की जाएगी।
कान्क्लेव में आयोजित मास्टर क्लास में विशेषज्ञों ने बताया कि चिकित्सा उपकरण निर्माण में मानव परीक्षण के दौरान निजता और आंकड़ों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जांच प्रक्रिया अधिक सटीक होगी, लेकिन उपचार में चिकित्सकों की भूमिका पहले की तरह ही केंद्रीय रहेगी।
