राजनीति को लेकर नकारात्मक धारणा पर उठाए सवाल, लखनऊ में जुटे देशभर के पीठासीन अधिकारी, लोकतंत्र को मजबूत बनाने का संकल्प
लखनऊ, अमृत विचार : विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक देश ने अनेक महान नेताओं को देखा है, जिन्होंने राष्ट्र को दिशा दी। उन्होंने राजनीति को लेकर बनाई गई नकारात्मक धारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता वही बन सकता है, जिसे समाज का हर पक्ष समझ में आता हो।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाना ने कहा कि यह अत्यंत गौरव की बात है कि इतने बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्रदेश को मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते पौने 9 वर्षों में प्रदेश की छवि बदली है और लोगों का नजरिया उत्तर प्रदेश को लेकर सकारात्मक हुआ है। महाना ने कहा कि पीएचडी किए हुए, रिटायर्ड आईएएस-आईपीएस, जमीनी कार्यकर्ता और सफाईकर्मी भी विधानसभा में विधायक बनकर आते हैं और समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, तीनों की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन परस्पर सहयोग, सम्मान और संवाद से ही लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं आगे बढ़ती हैं।
सबसे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया। राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया।
सम्मेलन आत्मनिरीक्षण व आत्मसुधार का मंच : माता प्रसाद
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन आत्मनिरीक्षण और आत्मसुधार का मंच है। लोकतंत्र केवल विजय का अवसर नहीं, बल्कि शासन और समाज के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया है। संविधान सरकार से बड़ा है, और नागरिक सत्ता से ऊपर हैं।
उत्तर प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश : हरिवंश
राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने कहा कि लखनऊ तहजीब का प्रतीक है और उत्तर प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश। काशी, प्रयाग, अयोध्या, नैमिषारण्य, चित्रकूट और सारनाथ जैसी पावन भूमि इसकी पहचान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज अवसरों का प्रदेश बन रहा है और राज्य की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
लघु फिल्मों से दिखी उत्तर प्रदेश की झलक
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश कैसे बन रहा है सर्वोत्तम प्रदेश विषय पर लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें प्रदेश के तीर्थ स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, रानी लक्ष्मीबाई, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, काशी की सांस्कृतिक परंपराओं, बिस्मिल्लाह खान, पंडित रविशंकर, पंडित बिरजू महाराज जैसी महान विभूतियों का चित्रण किया गया है।
