भाजपा के कोष में 10 हजार करोड़ रुपये की धनराशि, निर्वाचन आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। हाल ही में निर्वाचन आयोग को सौंपी गई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार पार्टी के पास लगभग 10,000 करोड़ रुपये की नकदी और जमा राशि हैं। साल 2024-25 में, दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) और ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) को सत्ता से हटाने के बाद पार्टी के चुनाव प्रचार खर्च में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई। यह खर्च पिछले साल 1,754.06 करोड़ रुपये था जो बढ़कर 3,335.36 करोड़ रुपये हो गया। 

रिपोर्ट में कहा गया कि भाजपा के खातों में 2024-25 में 2,882.32 करोड़ रुपये की शुद्ध वृद्धि हुई। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में पार्टी के 'जनरल फंड' में मौजूद धनराशि 12,164 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल 9,169 करोड़ रुपये थी। मंगलवार को भाजपा के नए अध्यक्ष चुने गए नितिन नवीन को अब इस धनराशि के इस्तेमाल का अधिकार मिलेगा। 

साल 2024-25 में, भाजपा को चंदे के रूप में 6,125 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले साल 3,967 करोड़ रुपये मिले थे। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के पास 9,390 करोड़ रुपये की सावधि जमा है, और 2024-25 में उसे बैंकों से 634 करोड़ रुपये का ब्याज मिला। भाजपा ने 2024-25 में 65.92 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड दाखिल किया और इस पर 4.40 करोड़ रुपये का ब्याज प्राप्त किया। 

पार्टी का चुनाव खर्च 2024-25 में कुल खर्च का 88.36 प्रतिशत था। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में चुनाव पर खर्च की कुल राशि 3,335.36 करोड़ रुपये थी, जिसमें से 312.9 करोड़ रुपये उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर खर्च किए गए, 583 करोड़ रुपये हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर यात्राओं पर खर्च हुए।

 चुनाव प्रचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 1,125 करोड़ रुपये, कटआउट, होर्डिंग्स और बैनरों पर 107 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा, विज्ञापन पर 897 करोड़ रुपये, रैलियों और अभियानों पर 90.93 करोड़ रुपये, तथा बैठकों पर 51.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 

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