LDA पर 11 करोड़, PWD पर 6 करोड़! सरकारी विभागों पर 77 करोड़ गृहकर बकाया, नगर निगम ने कसा शिकंजा... कुर्की-सीलिंग का नोटिस जारी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश कहा इस महीने ही पूरा कर लें लक्ष्य

लखनऊ, अमृत विचार : सरकारी विभागों की इमारतों पर ही नगर निगम का करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इनमें कृषि उत्पादन मंडी परिषद, को-ऑपरेटिव विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, एलडीए , लोक निर्माण विभाग और राज्य सम्पत्ति विभाग, मौसम विभाग नगर निगम के बड़े गृहकर बकाएदार हैं। एलडीए पर 11, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर 6 करोड़ समेत इन विभागों पर करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। नगर निगम ने बड़े बकायेदारों परशिकंजा कस दिया है। बकायेदारों को कुर्की व सीलिंग के नोटिस जारी किए जा रहे हैं, एक हफ्ते में बकाया गृहकर जमा न करने वाले प्रतिष्ठान व भवन सील किए जाएंगे।

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस महीने वित्तीय वर्ष 2025-26 का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते अधिकारियों ने सरकारी और निजी भवनों के बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है। नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 700 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य मिला है। इसमें अभी तक 350 करोड़ ही वसूली हो पाई है। नगर आयुक्त ने पिछले हफ्ते ही बैठक में कम वसूली करने वाले जोनल अधिकारियों और कर निरीक्षकों को नोटिस जारी करने के साथ वेतन रोकने के निर्देश दिए थे। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारीअशोक सिंह ने बताया कि सभी आवासीय एवं अनावासीय भवनों के गृहकर बकायेदारों को नोटिस जारी की जा रही है। बकाया जमा न करने पर सीलिंग व कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी विभागों को भी बकाया जमा करने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।

ये हैं बड़े बकाएदार विभाग

विभाग                                                  बकाया  गृहकर

लखनऊ विकास प्राधिकरण                           11 करोड़

राज्य सम्पत्ति विभाग                                9.9 करोड़

पुनर्वास विश्वविद्यालय                                   9.5 करोड़

लोक निर्माण विभाग                                    6 करोड़

मौसम विभाग                                                 3 करोड़

को-ऑपरेटिव विभाग पर                         1.54 करोड़

कृषि उत्पादन मंडी परिषद                           96.9 लाख

संबंधित समाचार