Moradabad : आवारा कुत्तों के काटने से जा रही जान, लापरवाह सिस्टम आंख मूंदकर बैठा

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सड़कों पर आवारा कुत्तों का खौफ बना हुआ है। इसे लेकर सिस्टम गंभीरता नहीं दिखा रहा है। दो दिन पहले डिलारी के काजीपुरा गांव में नौशाद की बेटी को कुत्तों ने नोंच डाला था। वहीं मंगलवार को कचहरी परिसर में भी कई अधिवक्ताओं को शिकार बनाया था।

आवारा कुत्तों के हमले में लोगों को हो रहे नुकसान और इलाज के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को जिम्मेदार बताया था। इसे लेकर गंभीरता दिखाने की बात बेमानी साबित हो रही है। जिले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इनका आतंक कम नहीं हो रहा है। दो दिन पूर्व डिलारी के काजीपुरा में कुत्तों के हमले का शिकार एक बिटिया हुई थी। वहीं महानगर के बीचोबीच स्थित कचहरी परिसर में भी अधिवक्ताओं को कुत्तों ने निशाना बनाया। इसके बाद भी इनकी धर पकड़ के लिए गंभीर उपाय नहीं किए जा रहे हैं। 

नगर निगम की ओर से यदाकदा अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ कर उनकी नसबंदी कराई जाती है और फिर उन्हें स्वस्थ होने पर पुराने क्षेत्र में छोड़ दिया जा रहा है। जिसके चलते कुत्तों के बंध्याकरण के बाद उनकी जनसंख्या नियंत्रित तो हो सकती है लेकिन उनके हमलों पर अंकुश का कोई उपाय तंत्र की ओर से नहीं किया जा रहा है। जिससे आए दिन लोगों को स्ट्रीट डॉग्स अपना टारगेट बना रहे हैं। हालांकि नगर आयुक्त ने निगम के कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि इन पर नियंत्रण के लिए प्रभावी रूप से अभियान चलाया जाए। बावजूद इसके बुधवार को कटघर, आशियाना फेज एक व दो के साथ ही अन्य मोहल्लों में आवारा कुत्ते झुंड में विचरण करते दिखे।

 

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