रामपुर : पायल हत्याकांड मामले में मंगेतर जहांगीर सहित छह पर दोष सिद्ध
27 जनवरी को कोर्ट सुनाएगा फैसला, सभी को हिरासत में लिया
रामपुर, अमृत विचार। सात साल पहले रामपुर शहर के चर्चित पायल हत्याकांड के मामले में मंगेतर जहांगीर, उसके पिता ताहिर, दो दोस्त और नौकर को न्यायालय ने दोष सिद्ध कर दिया हैं। मामले में 27 जनवरी को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। आरोप तय होने के बाद कोर्ट सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
साल 2018 में मंगेतर जहांगीर ने ही पायल को अपने फार्म हाउस पर बुलाकर दोनों दोस्तों और नौकर की मदद से बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश के तीन टुकड़े कर जमीन में दबा दिया था। मामले की परतें खुलीं तो 27 दिन बाद पुलिस ने पायल की लाश बरामद किया था। गंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दरख्त कैथ हमाम वाली गली निवासी शाहनवाज की बेटी जैनब उर्फ पायल पहली नवंबर 2018 की शाम को लापता हो गई थी। उसके भाई राहिल ने शहर कोतवाली के मोहल्ला कुंडा निवासी ताहिर खां के बेटे जहांगीर, उसके दोस्त इमरोज निवासी वेलकम होटल वाली गली और प्रभजीत सिंह उर्फ सागर निवासी मोहल्ला हाथीखाना पर बहन के अपहरण का आरोप लगाते हुए मुकदमा कराया था। पुलिस की पड़ताल से पता चला कि युवती का रिश्ता ताहिर खां के बेटे जहांगीर से तय हो गया था। बाद में उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया और दूसरी जगह शादी तय कर ली। युवती उससे ही शादी करना चाहती थी, जिस पर जहांगीर ने युवती को फार्म हाउस पर बुलाकर अपने नौकर निसार और दोनों दोस्तों की मदद से उसकी हत्या कर दी। उसने हत्या की बात अपने पिता और ताऊ के बेटे दानिश को बता दी थी। 27 नवंबर 2018 की रात को पुलिस ने ताहिर खां के कोसी नदी किनारे स्थित फार्म हाउस से पायल की लाश बरामद की थी। उसकी हत्या कर लाश को तीन टुकड़ों में काटकर जमीन में दबा रखा था। पुलिस ने निसार, ताहिर और दानिश को भी मुकदमे में नामजद कर लिया था। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया था। सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। मुकदमे की सुनवाई सेशन कोर्ट में चली। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि गुरुवार को न्यायालय ने सभी को दोषी सिद्ध कर दिया, इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। मामले में न्यायालय में 27 जनवरी को सभी को सजा सुनाई जाएगी।
पायल के भरोसे का भी हुआ था कत्ल
पायल से मंगेतर जहांगीर ने भले ही रिश्ता तोड़ दिया था, लेकिन पायल का उससे लगाव कम नहीं हुआ था। पायल मंगेतर जहांगीर की सगी मौसी की बेटी थी। बचपन में ही बुजुर्गों ने दोनों का रिश्ता तय कर दिया था। ऐसे में पायल ने भी जहांगीर को अपना मान लिया था। रिश्ता टूटने के बाद भी वो जहांगीर से शादी की जिद पर अड़ी थी। इसी बात का फायदा उठाकर जहांगीर ने उसे फार्म हाउस बुलाया और पायल के साथ उसके भरोसे का भी कत्ल कर दिया।
