आज भी जारी यूपी के जिलों में बवाल: UGC नए नियमों के विरोध में सवर्ण आर्मी ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन 

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Published By Anjali Singh
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कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के विरोध में सवर्ण आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया एवं जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नए नियम वापस करने की मांग की गई। सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ता आज जिला पंचायत परिसर में इकट्ठा हो कर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर यूजीसी के नए नियम को तत्काल वापस लिए जाने संबंधी ज्ञापनजिला अधिकारी को दिया। इस अवसर पर सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग केनयेनियम सवर्णों के हित में नहीं है बल्कि उनके लिए काला कानून है। 

इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ये नए नियमों को रद्द करने की मांगकी गई। उन्होंने कहा कि यह नए नियम सवर्ण युवाओंको नकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगे और आने वाली पीढ़ियों केलिए अभिशाप साबित होगें। जिला अध्यक्षद्वारा नए नियम के विरोध में अपनेखून से प्रधानमंत्रीको अंग्रेजी में यूजीसी रोलबैक युक्त पत्र लिखा। और कहां गया कि नए काला कानून को वापस किया जाए

UGC नए नियमों के विरोध में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन, न्यायिक कार्य से रहे विरत 

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 'यूजीसी' के नए नियमों के विरोध में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया, न्यायिक कार्य से विरत रहे और पैदल मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराया साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। रायबरेली कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन की ओर से प्रस्ताव पारित कर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और पैदल मार्च निकालते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। 

यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ रायबरेली में विरोध जारी रहा। रायबरेली के कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले तमाम अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर से तहसील परिसर तक पैदल मार्च कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार से इन काले नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की। 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यूजीसी द्वारा लाया गया यह काला कानून समाज को बांटने वाला है और शिक्षा प्रणाली पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता एक जागरूक प्राणी है, जो समय-समय पर गलत नीतियों का विरोध करता आया है और आगे भी करता रहेगा। सुशील कुमार श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद देशभर में विरोध की स्थिति बनी हुई है। कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है यह काला कानून समाज को बांटने वाला है जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी तब तक जागरूक अधिवक्ता समाज शांतिपूर्ण ढंग से बैठने वाला नही है। 

देवरिया में यूजीसी नियम के विरोध में हजारों लोगों का उमड़ा जनसैलाब 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) नियम 2026 के विरोध में उत्तर प्रदेश के देवरिया में बुधवार हजारों लोगों का जनसैलाब सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रर्दशन किये और कचहरी के पास रोड पर धरना दिये। शहर के सुभाष चौक से निकले हजारों लोग सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कचहरी में जिलाधिकारी के कार्यकक्ष के बाहर जमकर नारेबाजी किये तथा इस दौरान प्रदर्शन करने वालों को वकीलों का भी समर्थन मिला। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी काली पट्टी बांध कर यूजीसी नियम का विरोध कर रहे थे। 

प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकल कर कचहरी के सामने सड़क को जाम कर दिये। यहां भी प्रदर्शन करने वाले लोग केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर कर रहे थे। सड़क जाम होने से वाहनों का लम्बा काफिला लग गया था। इस दौरान जिला प्रशासन जाम खुलवाने में असफल रहा और प्रदर्शन करने वाले लोग जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। 

जाम के करीब एक घंटे बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल जाम स्थल पर पहुंची और ज्ञापन लेकर जाम को खुलवाया। इस दौरान कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम मिश्रा ने कहा कि यह नियम लागू होने से सवर्ण समाज के लोगों पर अत्याचार है। इसके लागू होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में होगा। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के लोगों में इस नियम को लेकर विरोध है और इससे छात्रों में गहरा असंतोष है। वहीं कुछ वकीलों का कहना है कि सरकार ने यूजीसी 2026 का नया नियम लागू कर समाज में अराजक की स्थित बनाना चाहती है और इससे समाज में अलगाववाद बढ़ेगा।

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