एक ही जमीन, दो दाम! नैमिष नगर योजना में खुला भेदभाव, किसानों की महापंचायत
लखनऊ, बख्शी का तालाब, अमृत विचार : नैमिष नगर योजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण में कथित भारी असमानता के विरोध में शुक्रवार को रैथा रोड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के सामने किसान महापंचायत आयोजित की गई। इसमें 10 ग्राम सभाओं के प्रभावित किसानों ने भाग लेते हुए प्रशासन पर खुला भेदभाव करने का आरोप लगाया। किसानों ने एलडीए तहसीलदार हेमचंद्र तिवारी को ज्ञापन सौंपकर सभी ग्राम सभाओं के लिए समान सर्किल रेट पर मुआवजा तय करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि योजना, क्षेत्र, भूमि की प्रकृति और उपयोग एक समान होने के बावजूद मुआवजा निर्धारण में दोहरा मापदंड अपनाया गया है। जहां आठ ग्राम सभाओं के लिए 1 करोड़ 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का सर्किल मूल्य तय किया गया, वहीं 10 ग्राम सभाओं के किसानों को मात्र 81 लाख रुपये देकर स्पष्ट असमानता बरती गई। किसानों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 का उल्लंघन बताया।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समान भूमि के लिए समान मुआवजा उनका कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। पिछले छह–सात महीनों से किसान विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही लिखित जवाब दिया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया तो नैमिष नगर योजना कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। तहसीलदार हेमचंद्र तिवारी ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
