राजस्व भवनों के निर्माण को मिली रफ्तार, आधारभूत ढांचे पर फोकस, कार्मिकों के लिए बनेंगे आवास
लखनऊ, अमृत विचार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंडलों, जनपदों और तहसीलों में राजस्व विभाग से जुड़े कार्यालयी एवं आवासीय भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 196.39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जहां राजस्व विभाग का कार्य अधिक सुचारू और प्रभावी होगा, वहीं आम नागरिकों को भी राजस्व से जुड़ी सेवाओं में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
राजस्व प्रशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की कई तहसीलों में नए राजस्व भवनों का निर्माण किया जा रहा है। सोनभद्र की ओबरा तहसील, अमरोहा जनपद की अमरोहा और नौगावां सादात तहसील, सिद्धार्थनगर की नौगढ़ तहसील, औरैया की विधूना तहसील और मैनपुरी की कुरावली तहसील में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा गाजियाबाद की लोनी और जालौन की उरई तहसील में भी राजस्व भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से कुछ भवन लगभग पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य शीघ्र पूरा करने की दिशा में कार्यदायी संस्थाएं तेजी से जुटी हैं। ये सभी भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जहां एक ही छत के नीचे राजस्व संबंधी सभी कार्य संपादित किए जा सकेंगे।
इसी क्रम में गोरखपुर, मेरठ और संभल में कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण और मरम्मत का कार्य भी प्रगति पर है। शासन का जोर केवल कार्यालयी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं के विस्तार पर भी है। बाराबंकी में जिलाधिकारी आवास की मरम्मत, अयोध्या में राजस्व अधिकारियों के लिए टाइप-4 आवासों का निर्माण और बस्ती की तहसील हरैया में आवासीय भवनों के नए कार्य शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने नए प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति दी है। महाराजगंज जनपद मुख्यालय पर बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम हॉल के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की जा चुकी है और कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके अतिरिक्त मिर्जापुर में कलेक्ट्रेट के पुनर्निर्माण, कानपुर सदर, चंदौली की पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर तथा गाजीपुर की कासिमाबाद और सेवरई तहसीलों के भवन निर्माण प्रस्तावों पर भी तेजी से कार्यवाही चल रही है। शासन का लक्ष्य है कि मजबूत अधोसंरचना के माध्यम से राजस्व प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाए।
