सारस की शीतकालीन गणना में इटावा अव्वल.. 3304 पक्षी दर्ज, साल दर साल बढ़ रही संख्या
इटावा। अमर प्रेम के प्रतीक और उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी सारस की शीतकालीन गणना में इटावा जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा है। जिला वन अधिकारी विकास नायक ने बताया कि इस वर्ष इटावा वन प्रभाग में कुल 3304 सारस दर्ज किए गए, जो राज्य के किसी भी जिले में सर्वाधिक हैं।
पिछले वर्षों में 2025 में 3000, 2024 में 3289 और 2023 में 3280 सारस पाए गए थे, जिससे स्पष्ट है कि जिले में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई गणना में इस बार कुल 20,628 सारस पाए गए, जो पिछले वर्ष के 19,994 की तुलना में 634 अधिक हैं।
इटावा की इस उपलब्धि का श्रेय वन विभाग, स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और वन्यजीव संस्थाओं की संयुक्त पहल को दिया जा रहा है। रामसर साइट में शामिल सरसईनावर वेटलैंड सारसों का प्रमुख आशियाना बनकर उभरा है, जहां अनुकूल जलक्षेत्र, धान के खेत और दलदली भूमि इनके संरक्षण में सहायक साबित हो रहे हैं।
सारस दुनिया का सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी है और इसकी लगभग 70 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। करीब 1.6 मीटर ऊंचे और 12 किलोग्राम वजनी इस पक्षी का जीवनकाल 35 से 80 वर्ष तक होता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित सारस की बढ़ती संख्या को विशेषज्ञ पर्यावरण संतुलन के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। इटावा के अव्वल आने पर वन अधिकारी और पर्यावरण प्रेमी खासे उत्साहित हैं।
