होली से पहले दौड़ेंगी 20 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें: लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी मार्ग पर होगा संचालन
अयोध्या, अमृत विचार। होली पर्व से पूर्व अयोध्या धाम बस स्टेशन से लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर व वाराणसी मार्ग पर एसी ई- बसों का संचालन शुरू होगा। प्रत्येक मार्ग पर पांच-पांच बसें चलेंगी। पुणे की ईका कंपनी द्वारा निर्मित 18 बसें डिपो में पहुंच गई हैं, दो और आनी हैं। इन बसों को अटल सेवा के नाम से जाना जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों से यात्रियों को आरामदेह यात्रा का अनुभव होगा।
इन बसों को चलाने वाले चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, उसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया की जाएगी। सरकार ने वर्ष 2025 में प्रदेश के महत्वपूर्ण व धार्मिक स्थलों से ई-बसों के संचालन की घोषणा की थी। वर्तमान में प्रयागराज से अयोध्या के लिए अटल बस सेवा की दो ई-बसों का संचालन हो रहा है। यहीं नहीं, लखनऊ से दो डबल डेकर बसों का भी संचालन अयोध्या डिपो तक हो रहा है। अब होली पर्व से पूर्व प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर व वाराणसी के लिए पांच-पांच ई बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
बनाए गए पांच चार्जिंग स्टेशन
इन बसों का संचालन अयोध्या धाम बस स्टेशन से किए जाने की योजना है। यहां पर ई-बसों को चार्ज करने के लिए पांच चार्जिंग स्टेशन बनाये गये हैं। इसके लिए परिवहन निगम ने अलग से 1260 केवीए का कनेक्शन लिया है, जिसके लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपये पॉवर कॉर्पोरेशन में जमा किये है। इसके अलावा इन बसों की मेंटीनेंस के लिए ईका मोटर्स अयोध्या धाम बस स्टेशन पर वर्कशॉप भी बनाएगी। इन बसों में नियंत्रित एयर कंडीशनिंग सिस्टम, आरामदायक सीट, बेहतर सस्पेंशन, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और डिजिटल डिस्पले जैसी सुविधाएं भी है।
ओवरब्रिज बनने से हाईवे की दोनों लेन से जुड़ा बस स्टेशन
जून वर्ष 2021 में करीब 14 करोड़ की लागत से निर्मित अयोध्या धाम बस स्टेशन को बसों के परिचालन के लिए खोल दिया गया था। हालांकि हाईवे की दोनों लेन से कनेक्टिविटी न होने के कारण परिचालन सुचारू नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बस स्टेशन के सामने ओवरब्रिज बनाया गया। जो दिसंबर 2025 में तैयार हो गया। इसके नीचे अंडरपास बनने से अब यह बस स्टेशन हाईवे की दोनों लेन से जुड़ गया।
इस बस स्टेशन के बगल नौ एकड़ भूमि पर करीब 250 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट की तर्ज पर अंतरराज्यीय बस स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके निर्माण के बाद यहां से प्रदेश ही नहीं देश के कोने-कोने तक बसों का संचालन शुरू होगा।
जल्द ही इन बसों का ट्रायल किया जाएगा, इससे यह पता चल पाएगा कि एक बार चार्जिंग में यह कितने किमी की दूरी तय कर सकेंगी। इसके बाद लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज व वाराणसी के लिए पांच-पांच बसों का संचालन किया जाएगा।-विमल राजन, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम
