बरेली: कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए नहीं मिल रहीं महिला मुखबिर
ओमेन्द्र सिंह, बरेली। बेटियों की कोख में हत्या करने की वजह से लिंगानुपात घट रहा है। इसी वजह से कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए महिला मुखबिर योजना शुरू की गई है। एक केस पकड़वाने पर महिला मुखबिर को दो लाख रुपये बतौर ईनाम दिए जाएंगे। ये लोग अल्ट्रासाउंड सेंटर, मैटरनिटी होम और नर्सिंग …
ओमेन्द्र सिंह, बरेली। बेटियों की कोख में हत्या करने की वजह से लिंगानुपात घट रहा है। इसी वजह से कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए महिला मुखबिर योजना शुरू की गई है। एक केस पकड़वाने पर महिला मुखबिर को दो लाख रुपये बतौर ईनाम दिए जाएंगे। ये लोग अल्ट्रासाउंड सेंटर, मैटरनिटी होम और नर्सिंग होम पर नजर रखेंगी। लिंगानुपात में शाहजहांपुर और बदायूं की हालत सबसे अधिक कमजोर है।
जनसांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार महिला लिंगानुपात में बरेली का नंबर 44वां है। बरेली में 1000 पुरुषों के सापेक्ष 887 महिलाएं हैं। वहीं, शाहजहांपुर की स्थिति मंडल में सबसे कमजोर है। शाहजहांपुर में 1000 पुरुषों के सापेक्ष 865, पीलीभीत में 1000 पुरुषों के अनुपात में 871 और बदायूं 1000 पुरुषों पर 870 महिलाएं हैं। घटते लिंगानुपात को सही करने के लिए शासन स्तर से महिला मुखबिर योजना शुरू की गई है।
महिला मुखबिर का पद पाने के लिए महिलाओं को आवेदन करना होगा। इसमें नौकरी कर रहीं महिलाओं को भी चुना जा सकेगा। योजना के तहत फर्जी ग्राहक या सहायक के तौर पर भी चुना जा सकेगा। इस पद के आवेदन के साथ ही शपथ पत्र भी देना होगा। शपथ पत्र में लिखना होगा कि वह अपनी मर्जी से महिला मुखबिर बनने को तैयार है।
ऐसे करें आवेदन
मुखबिर, ग्राहक और सहायक बनने के लिए राज्य स्तर पर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। सीएमओ को शपथ पत्र देकर बताना होगा कि महिला किस कारण मुखबिर बन रही है। साथ ही आरोपी को पकड़वाने के बाद उसके खिलाफ गवाही भी देनी होगी। महिला मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
इस तरह मिलेगा इनाम
कन्या भ्रूण हत्या रोकने, लिंग का पता कराने के लिए सही सूचना पर देने वाली महिला मुखबिर को 60 हजार रुपये इस मिशन में शामिल सहायक महिला को 40 हजार रुपये, फर्जी ग्राहक बनकर अल्ट्रासांउड सेंटर पर जाने वाली महिला को एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। यह धनराशि तीन बार में दी जाएगी। पहली बार सही सूचना पाए जाने पर, दूसरी किश्त न्यायालय में पेशी के दौरान और तीसरी किस्त दोषियों को सजा मिलने के बाद दी जाएगी।
गलत काम करने पर होगी कार्रवाई
इस योजना के तहत पूरा खर्चा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उठाएगा। यदि मुखबिर गलत सूचना देता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। मुखबिर पहले भ्रूण की पहचान करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर की पहचान करेंगी। इसके बाद इसकी सूचना अधिकारियों को देंगी। जानकारी मिलने के बाद अधिकारी पुलिस टीम के साथ सेंटर पर छापामार कार्रवाई करेंगे। वहीं उन लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा जो महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या के लिए उकसाते हैं।
अभी तक इस योजना के लिए आवेदन नहीं आए हैं। न ही योजना के अंतर्गत किसी मुखबिर की ओर से कार्रवाई कराई गई है। मुखबिर पुलिस तैयार करती है। -डा. वीके शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
