बरेली: लेट फीस जमा कराने का हो रहा खेल

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बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में लेट फीस जमा कराने के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। छात्रों से परीक्षा फार्म के नाम पर लेट फीस तो जमा करायी जाती है लेकिन उनका रिजल्ट समय पर नहीं दिया जाता है। इसकी वजह से छात्र परेशान होकर विश्वविद्यालय के चक्कर लगाते हैं। परेशान छात्रों को …

बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में लेट फीस जमा कराने के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। छात्रों से परीक्षा फार्म के नाम पर लेट फीस तो जमा करायी जाती है लेकिन उनका रिजल्ट समय पर नहीं दिया जाता है। इसकी वजह से छात्र परेशान होकर विश्वविद्यालय के चक्कर लगाते हैं। परेशान छात्रों को कभी सिंगल विंडो तो कभी परीक्षा विभाग तो कभी गोपनीय विभाग भेज दिया जाता है।

दूर-दराज से आने वाले छात्र इधर-उधर चक्कर लगाते हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं निकलता है। आने-जाने में भी उसका अधिक खर्च हो जाता है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी आखिर में छात्र को ही इन परेशानियों के लिए जिम्मेदार बता देते हैं। विश्वविद्यालय की ओर से सही से जानकारी न मिलने की वजह से भी कई छात्रों को मजबूरी में लेट फीस जमा करके परीक्षा फार्म भरने होते हैं।

विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज के बीटेक और बीबीए के कई छात्र मार्कशीट लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका रिजल्ट ही नहीं आया है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने परीक्षा देने के लिए लेट फीस के साथ आवेदन किया था। लेट फीस देने पर उन्हें प्रवेश पत्र भी दिया गया और उन्होंने इसी आधार पर परीक्षा दी लेकिन उनके साथ परीक्षा देने वाले छात्रों का रिजल्ट तो जारी कर दिया गया लेकिन उनका रिजल्ट जारी नहीं किया गया।

इसे लेकर सिंगल विंडो इंचार्ज मनोज पांडेय ने जब कम्प्यूटर विभाग से पता किया तो बताया गया कि एजेंसी ने रिजल्ट ही नहीं भेजा है जिसकी वजह से रिजल्ट अटका है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब छात्रों ने लेट फीस भी अदा करर दी थी और उनकी परीक्षा भी हुई तो उनका रिजल्ट क्यों रोका गया? सिंगल विंडो प्रभारी ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी और सहायक कुलसचिव परीक्षा को पत्र लिखकर छात्रों की समस्या का हल निकालने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि रोजाना अलग-अलग छात्र अपना परीक्षाफल लेने आते हैं जिसकी वजह से समस्या होती है। उन्होंने यह भी लिखा है कि अभी तक पटल सहायक को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के परीक्षा आवेदन पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसकी वजह से यह भी पता नहीं चल पाता है कि किस छात्र ने और कब आवेदन किया है। लेट फीस जमा करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन छात्र अपनी शिकायत लेकर आते हैं। कई बार तो परीक्षा शुरू होने के बाद भी लेट फीस जमा करा ली जाती है।

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