लखनऊ में हाईवे किनारे CHC ट्रॉमा सेंटर, गोल्डन ऑवर में मिलेगा 24 घंटे इलाज, निजी अस्पतालों में भी डेढ़ लाख तक कैशलेस सुविधा
लखनऊ, अमृत विचार : सड़क हादसों में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए लखनऊ में हाईवे से सटे पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को ट्रॉमा सेंटर में अपग्रेड किया जाएगा। इन केंद्रों पर 24 घंटे आपातकालीन इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिले में 20 सीएचसी का संचालन किया जा रहा है।
पहले चरण में हाईवे किनारे पड़ने वाली मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, गोसाईगंज, काकोरी और चिनहट सीएचसी को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों पर सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल या हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
इन सीएचसी में पांच बेड का आईसीयू स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा आर्थोपेडिक सर्जन, फिजिशियन और न्यूरो विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। एक्स-रे सहित अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। अभी तक अधिकांश सीएचसी पर शाम के बाद जांच सेवाएं बाधित हो जाती हैं।
इस पहल से उम्मीद है कि सड़क हादसों में घायलों को समय पर उपचार मिल सकेगा और मृत्यु दर में कमी आएगी। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि संसाधनों और बजट की मांग शासन से की गई है। स्वीकृति मिलते ही डेढ़ से दो माह के भीतर इन केंद्रों को ट्रॉमा सुविधाओं से लैस कर दिया जाएगा।
82 अस्पताल सूचीबद्ध, निजी में भी मुफ्त इलाज
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और निशुल्क उपचार देने के उद्देश्य से जिले में केंद्र सरकार की ‘कैशलैस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025’लागू की गई है। इसके तहत सरकारी के साथ निजी अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के करीब 82 अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, जहां दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। उपचार पर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च जिला सड़क सुरक्षा समिति वहन करेगी। कानपुर रोड, अयोध्या रोड, सीतापुर रोड और हरदोई रोड से सटे बड़े अस्पतालों को प्राथमिकता से सूचीबद्ध किया जा रहा है।
