मेरठ में दर्दनाक हादसा : घर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 6 लोग जिंदा जले, महिला घायल
मेरठ। मेरठ जिले में एक मकान में आग लगने से पांच बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (मेरठ) अविनाश पांडे ने सिविल अस्पताल में संवाददाताओं को बताया कि घटना किदवई नगर इलाके में रात करीब आठ बजे हुई। उन्होंने बताया कि इकबाल अहमद के आवास पर आग लगने की सूचना रात आठ बजकर 49 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया।
पांडे ने कहा, ''तीन मिनट के भीतर, डायल 112 पुलिस प्रतिक्रिया वाहन मौके पर पहुंच गया और उसके तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां भेजी गईं।'' पुलिस के मुताबिक, घर में सिलाई का काम होता था और बड़ी मात्रा में कपड़े रखे हुए थे जिससे आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। उन्होंने कहा कि इलाके में संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में चुनौती पेश आती है इसीलिए अग्निशमन विभाग के बेड़े में शामिल की गईं नयी मोटरसाइकिलों को भेजा गया।
एसएसपी ने बताया कि एक स्थानीय निवासी ने भी फंसे लोगों को निकालने में मदद के लिए सीढ़ी लगाकर बचाव प्रयासों में सहायता की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने का संदेह है और विस्तृत जांच की जा रही है। पांडे ने कहा, ''सबसे बड़ी चुनौती आग पर काबू पाना और उसे आसपास के इलाके में फैलने से रोकना था।'' उन्होंने बताया कि कुछ घायलों का अब भी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, ''घटना में सात लोग झुलसे हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में चिकित्सकों ने उनमें से छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।'' घटनास्थल पर पहुंचे जिला अधिकारी वीके सिंह ने इसे ''हृदय विदारक और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'' बताया। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि किसी मशीन या उपकरण में शॉर्ट सर्किट के कारण संभवत: आग लगी होगी।
उन्होंने कहा, बिजली विभाग के अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया है और उनके निष्कर्ष जल्द ही साझा किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि परिवार ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया गया है और अब तक सरकारी सहायता या मुआवजे की कोई मांग नहीं की गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दमकल की चार गाड़ियों को काम पर लगाया गया और स्थानीय निवासियों की मदद से घर के अंदर फंसे लोगों को निकाला गया। उन्होंने कहा, ''आग पर काबू पा लिया गया है और जांच के बाद सही कारण स्पष्ट हो जाएगा।''
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान रुखसार (25), महबीश (12), हम्माद (चार), अकदस (चार), नबिया (चार माह) और इनायत (चार माह) के रूप में की गई है, जो किदवई नगर में सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर तीन के निवासी थे। एसएसपी ने बताया कि घायल महिला अमीर बानो (55) का उपचार किया जा रहा है। परिवार के एक सदस्य मोहम्मद फारूक ने कहा कि जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह नमाज पढ़ने गए थे। उन्होंने कहा, ''जब तक मैं लौटा, बाहर बहुत भीड़ थी। मेरी बेटी, मेरा बेटा, मेरे छोटे भाई की जुड़वां बेटियां और उसके बेटे की मौत हो चुकी थी।''
उन्होंने बताया कि उनकी बुजुर्ग मां बच गईं, हालांकि सदमे के कारण उनका रक्तचाप बढ़ गया था। फारूक ने कहा कि परिवार को किसी से कोई शिकायत नहीं है और पुलिस और अग्निशमन विभाग ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ने कोई मुआवजा नहीं मांगा है। एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि घर में ऑनलाइन कारोबार के लिए कपड़ों का बड़ा भंडार था, जिससे लपटों ने विकराल रूप ले लिया।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि घटना के समय परिवार के कई सदस्य नमाज के लिए गए हुए थे और स्थानीय लोगों की मदद से छह लोगों को इमारत से निकाला गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत उपायों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
