मुरादाबाद : जयाप्रदा के मामले में कोर्ट ने आजम खां व अब्दुल्ला को लिया कस्टडी में

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सपा के कद्दावर नेता व रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को छजलैट कांड व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट में पेश किया गया। जयाप्रदा के मामले में कोर्ट ने दोनों को कस्टडी पर ले लिया। जबकि वर्ष 2008 में हुए …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सपा के कद्दावर नेता व रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को छजलैट कांड व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट में पेश किया गया। जयाप्रदा के मामले में कोर्ट ने दोनों को कस्टडी पर ले लिया। जबकि वर्ष 2008 में हुए छजलैट कांड पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज पर बहस की।

अधिवक्ता का कहना था कि आजम खां व उनके बेटे पर जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उन धाराओं के पर्याप्त साक्ष्य पुलिस पेश नहीं कर सकी है। करीब आधा घंटे तक चली सुनवाई के बाद सभी मामलों में कोर्ट ने छह जनवरी की तारीख तय कर दी है। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के दोनों को वापस सीतापुर जेल ले जाया गया।

जनवरी वर्ष 2008 में आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत तमाम सपाइयों के खिलाफ छजलैट थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर करीब एक साल पहले आजम खां को फरार बताते हुए छजलैट में एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 जून, 2019 को आजम खां, अब्दुल्ला आजम व सांसद डा. एसटी हुसैन समेत सात सपाइयों के खिलाफ कटघर थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप था कि सांसद बनने के बाद कटघर क्षेत्र में हुई एक जनसभा में उन्होंने फिल्म अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इस मामले की जांच रामपुर क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। इधर करीब दस माह पहले आजम व अब्दुल्ला आजम को सीतापुर जेल भेज दिया गया था।

जुलाई में पहली बार आजम व अब्दुल्ला आजम छजलैट कांड में मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे। न्यायिक अभिरक्षा में लेने के बाद उनको सीतापुर जेल भेज दिया गया था। इधर जयाप्रदा पर टिप्पणी करने के मामले में विवेचक ने आजम को तलब करने के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसे मंजूरी मिल गई थी। इन तीनों मामलों में मंगलवार को आजम खां व अब्दुल्ला आजम को कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए कोर्ट पेश किया गया। करीब डेढ़ बजे पुलिस ने दोनों को पेश किया।

अपर शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने बताया कि छजलैट वाले मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज पर बहस की। उनका कहना था कि पुलिस ने जिन धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया है, उनके साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है। जबकि जयाप्रदा वाले मामले में कोर्ट ने दोनों को कस्टडी में लेते हुए वारंट जारी कर दिया। जबकि फरारी वाले मामले में सुनवाई नहीं हुई। अब तीनों मामलों में छह जनवरी 2021 को सुनवाई होगी। करीब आधे घंटे तक चली बहस के बाद पुलिस दोनों को कड़ी सुरक्षा में लेकर सीतापुर जेल ले गई।

कोरोना नियमों का उल्लंघन न हो जाए, इसके लिए न्यायालय परिसर के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। किसी तरह का बवाल या फिर नियमों की अनदेखी न हो, इसके लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पुलिस बल को बेरीकेडिंग कर अहतियात बरतने के निर्देश भी दिए।

 

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