होलिका दहन आज मध्यरात्रि में: भद्रा और चंद्र ग्रहण के कारण बदला मुहूर्त, रंगों वाली होली 4 मार्च को

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार: होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा और चंद्र ग्रहण के कारण मुहूर्त में परिवर्तन हुआ है। आचार्य पं. आनंद दुबे ने बताया कि काशी के ऋषिकेष पंचांग के अनुसार पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:18 बजे से 3 मार्च शाम 4:33 बजे तक रहेगी। भद्रा 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से 3 मार्च सुबह 4:56 बजे तक है। होलिका दहन भद्रा पुच्छ में रात 12:50 से 2:02 बजे तक किया जा सकता है। भद्रा समाप्ति के बाद 3 मार्च की भोर 4:56 बजे के बाद भद्रारहित काल भी शुभ रहेगा।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। यदि भद्रा मध्य रात्रि से पहले समाप्त हो जाए तो प्रदोष के बाद दहन करना चाहिए। भद्रा मुख में होलिका दहन शास्त्रों में वर्जित बताया गया है।

तीन मार्च को चंद्र ग्रहण, शुभ कार्य स्थगित

पं. रवि प्रकाश मिश्रा के मुताबिक 3 मार्च को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। सूतक सुबह 9:20 बजे से प्रभावी होगा। ग्रहण के कारण होली से जुड़े शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे। रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी

संबंधित समाचार