ईरान-इजरायल तनाव से यूपी के इस जिले को बड़ी झटका, बासमती चावल का कारोबार प्रभावित

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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इटावा। अंतरराष्ट्रीय हालात और ईरान तथा इजराइल के बीच बढ़े तनाव का असर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बासमती चावल कारोबार पर पड़ने लगा है। निर्यातकों के अनुसार स्थिति के कारण करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। निर्यातकों का कहना है कि जिले से भेजा जाने वाला बड़ी मात्रा में बासमती चावल देश के विभिन्न बंदरगाहों पर अटका पड़ा है।

यह चावल विदेशों, विशेषकर खाड़ी देशों को भेजा जाना था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से शिपमेंट रुक गए हैं। चावल निर्यातक एवं उत्तर प्रदेश मिलर्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि करीब 25 से 30 करोड़ रुपये मूल्य का बासमती चावल गुजरात के कांडला पोर्ट (गांधीधाम बंदरगाह) पर लोडिंग का इंतजार कर रहा है।

ईरान में हालात सामान्य न होने से शिपमेंट प्रभावित है और भुगतान प्रक्रिया भी अटकने की आशंका है। उन्होंने कहा कि भरथना क्षेत्र का बासमती चावल ईरान और अन्य खाड़ी देशों में काफी पसंद किया जाता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में निर्यात लगभग ठप हो गया है। व्यापारियों ने सरकार से वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराने और निर्यात प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

स्थानीय निर्यातकों के अनुसार इटावा से प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का बासमती चावल ईरान, यमन, ओमान और सऊदी अरब सहित अन्य खाड़ी देशों को भेजा जाता है। अनुमान के मुताबिक करीब 25 हजार मीट्रिक टन चावल हर साल इन देशों को निर्यात किया जाता है।

गगन राइस मिल के संचालक नवीन उर्फ रवि पोरवाल और प्रेमचंद पोरवाल ने बताया कि उनके लगभग 45 कंटेनर माल बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। युद्ध के कारण शिपिंग मार्ग प्रभावित होने से मुंद्रा और गांधीधाम बंदरगाहों पर करोड़ों रुपये का चावल अटका पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य होने पर ही बासमती चावल के निर्यात में तेजी आ सकेगी। फिलहाल कारोबारी हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। 

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