बरेली: अब प्रवेश परीक्षा के बाद ही मिलेगा एलएलबी में प्रवेश
अमृत विचार, बरेली। विश्वविद्यालय ने एलएलबी में प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब अगले सत्र 2021-22 से एलएलबी में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेरिट से होने वाली प्रवेश प्रक्रिया खत्म कर दी है। सोमवार को विश्वविद्यालय में हुई प्रवेश समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। …
अमृत विचार, बरेली। विश्वविद्यालय ने एलएलबी में प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब अगले सत्र 2021-22 से एलएलबी में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेरिट से होने वाली प्रवेश प्रक्रिया खत्म कर दी है। सोमवार को विश्वविद्यालय में हुई प्रवेश समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
महाविद्यालयों में खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए एक बार फिर से स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को खोल दिया है। स्नातक के साथ परास्नातक में भी प्रवेश के लिए आवेदन फार्म भरने की तिथि बढ़ा दी गई है। अब छात्र 23 से 28 दिसंबर तक स्नातक और परास्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय में सोमवार को कुलपति की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक हुई। बैठक में चार प्रमुख एजेंडे रखे गए जिसमें प्रवेश समिति की 5 अगस्त के कार्यवृत्त का अनुमोदन भी शामिल है। इसके अलावा एमएससी और एमएड आदि पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों से काउंसिलिंग एवं महाविद्यालयों को प्रवेश में सम्मिलित अभ्यर्थियों से सीधे प्रवेश अनुमति देने के बाद भी रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विचार, सत्र 2021-22 में एलएलबी में प्रथम वर्ष में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया समपन्न कराने पर विचार भी शामिल है।
इंटरमीडिएट परीक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत वाणिज्य विषय आशुलिपि एवं टंकण विधि से उत्तीर्ण छात्र व छात्राओं को बीकॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश की अनुमति देने के संबंध में प्रस्ताव कार्य सूची में रखे गए। इन सभी पर प्रवेश समिति में फैसला ले लिया गया।
इस वजह से बदली प्रवेश प्रक्रिया
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वर्ष 2016 तक एलएलबी में प्रवेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते थे जिसे वर्ष 2017 में समाप्त कर दिया गया था। विश्वविद्यालय में विधि से जुड़े एक प्रोफेसर ने कुलपति को पत्र लिखा था जिसमें बताया कि पिछले तीन वर्षों से मेरिट के आधार पर प्रवेश लेने से अच्छे छात्रों का चयन नहीं हो पा रहा है। दूसरे विश्वविद्यालयों से पढ़ने वाले छात्र 90 फीसदी से अधिक अंक पाकर एलएलबी में प्रवेश ले लेते हैं लेकिन उनकी पढ़ाई में कोई रुचि नहीं होती है।
इसके चलते विश्वविद्यालय स्नातक के छात्र बरेली कॉलेज और केजीके कॉलेज मुरादाबाद में प्रवेश लेने से वंचित रह जा रहे हैं जो योग्य भी हैं। बाद में ऐसे छात्र बरेली कॉलेज में परीक्षा के दौरान नकल कर अराजकता फैलाते हैं। इसकी वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रवेश प्रक्रिया के तहत एलएलबी में प्रवेश लेना बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। बरेली कॉलेज के प्राचार्य ने भी प्रवेश प्रक्रिय से एलएलबी में प्रवेश कराने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा था। बरेली कॉलेज में भी एलएलबी के प्रवेश में प्रत्येक वर्ष गड़बड़ी की शिकायतें आयी हैं। छात्र फर्जी आरक्षण प्रमाण पत्र बनवाकर प्रवेश लेते हैं। इसके अलावा परीक्षा के दौरान भी कॉलेज प्रशासन को काफी दिक्कत होती है।
