UP: सरकारी नाले पर कब्जा, जलभराव से लोग परेशान, बारिश में टापू बन जाती है कॉलोनी
बिलासपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड बार्डर सटी क्षेत्र की अलायन्स साउथ एवेन्यू कॉलोनी भरतपुर में लोगों को इन दिनों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के लिए सरकारी नाला है जो कभी जल निकासी का मुख्य स्रोत हुआ करता था। आज उस नाले पर अवैध कब्जे हो गए हैं तथा लोग जलभराव और संक्रामक बीमारियों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और कॉलोनाइजर की मिलीभगत से इस नाले के अस्तित्व को ही खत्म कर दिया गया है। जब लोगों ने राजस्व विभाग के लेखपाल से नाले की स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने सरकारी रिकार्ड में दर्ज इस नाले को कॉलोनाइजर का निजी नाला करार दे दिया। बताया कि विगत तीन वर्षों से यह पूरी कॉलोनी बारिश के समय टापू बन जाती है। उत्तराखंड की ओर से आने वाला गंदा और बरसाती पानी निकासी न होने के कारण पूरी कालोनी में भर जाता है। इसके अलावा वर्तमान स्थिति में कालोनी की नाले-नालियों के पानी की जल निकासी नहीं है। बताया कि कालोनी में लगभग दो सौ परिवार निवासी करते हैं और यहां लगभग एक हजार की आबादी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार इसकी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन हर बार प्रशासन द्वारा बिना किसी मौके की जांच या ठोस साक्ष्य के शिकायत का झूठा निस्तारण लगा दिया गया। कॉलोनाइजर से बार-बार मिन्नतें करने के बावजूद वह नाले का निर्माण कराने को तैयार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरकारी नाले को अतिक्रमण मुक्त कर उसका पक्का निर्माण नहीं कराया गया तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे और उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे। इस पर लेखपाल रवि राणा ने बताया कि मामला संज्ञान में हैं। जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
बरसात के मौसम में कॉलोनी से कोई जल निकासी का बंदोबस्त नहीं है। जिसकी वजह लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से वह पिछले तीन से चार वर्षों से जूझ रहे हैं।- सोनू कुमार।
अवैध कब्जों ने नाले का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर पहुंचा दिया। जल निकासी न होने से नाले-नालियों का पानी कालोनी में ही जमा रहता है। जिससे संक्रामक बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। - शेर बहादुर
बरसात में उत्तराखंड से आने वाला पानी सिर का दर्द साबित होता है। पानी निकासी न होने से बारिश का पानी कई-कई दिनों तक कॉलोनी में जमा रहता है। गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। - गुरजीत सिंह।
तीन वर्षों से समाधान दिवस और मुख्यमंत्री पोर्टल आदि पर शिकायतें करते करते परेशान हैं। लेकिन, यहां के अधिकारी हर बार समस्या का झूठा निस्तारण लगाकर भेज देते हैं। जिस कारण समस्या बनी हुई हैं।- स्वराज पाल सिंह।
