Bareilly: रुहेलखंड का इतिहास समेटे है पांचाल संग्रहालय, नवपाषाण काल तक के पुरावशेष संग्रहित

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास और संस्कृति विभाग स्थित पांचाल संग्रहालय में नवपाषाण काल से लेकर आधुनिक काल तक के विविध पुरावशेषों का संग्रह और रुहेलखंड क्षेत्र के प्राचीन एवं मध्यकालीन स्मारकों की तस्वीरें प्रदर्शित हैं। संग्रहालय में कई दीर्घाएं हैं, जिनमें अभयपुर उत्खनन गैलरी, टेराकोटा गैलरी, वस्त्र एवं हस्तशिल्प दीर्घा, रामा शंकर राव फोटो गैलरी, अहिच्छत्र डायोरामा और सुरेंद्र मोहन मिश्रा गैलरी प्रमुख हैं।

पांचाल संग्रहालय के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013-14 में नई प्रदर्शन व्यवस्थाओं, प्रकाशनों और मुद्राशास्त्र प्रयोगशाला की स्थापना के लिए इसे उत्कृष्टता केंद्र पुरस्कार प्रदान किया। यह प्रयोगशाला सिक्कों, तांबे, लोहे की वस्तुओं के उपचार और पांडुलिपियों के संरक्षण में उपयोग की जाती है। उत्कृष्टता केंद्र पुरस्कार को 2014-15 में अतिरिक्त अनुदान के साथ दोहराया गया और 2015-17 के लिए आगे बढ़ाया गया। 

संग्रहालय उत्खनन, निजी संग्राहकों और दानकर्ताओं की दान की गई कलाकृतियों से समृद्ध हुआ है। संध्या और कर्नल राजीव रावत ने अपना विशाल निजी संग्रह दान किया, वहीं प्रख्यात मुद्राशास्त्री स्व. केडी बाजपेयी ने मुहरों और सिक्कों के चयनित नमूने प्रदान किए गए। संग्रह में मिट्टी के बर्तन, टेराकोटा, तांबे के भाले और बरछी के सिरे, कुल्हाड़ी, मानव आकृतियां, प्राचीन तांबे के सिक्के, मुहरें, मनके, पक्की मिट्टी के बर्तन और जीवाश्म शामिल हैं।

विशेष रूप से पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील में स्थित अभयपुर स्थल से 2001-2006 में खुदाई विभाग की ओर से प्राप्त मानव दफन स्थल के भौतिक साक्ष्य, मनके और हड्डियां अभयपुर गैलरी में संरक्षित हैं। संग्रहालय के आधुनिकीकरण और डिजिटली करण का कार्य कुलपति प्रो. केपी सिंह ने संपन्न कराया, जिसमें डिस्प्ले स्क्रीन, टच स्क्रीन कंप्यूटर और हॉलोग्राफिक पंखे जैसी आधुनिक ऑडियो-वीडियो सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आगंतुकों के लिए ऐतिहासिक यात्रा और अधिक सजीव अनुभव बन गई है।

विभाग में पुरातत्व की एक छोटी इकाई है, जो समय-समय पर छोटे पैमाने पर खुदाई का कार्य करती है। अब तक, इस क्षेत्र के तीन प्राचीन स्थलों पर पुरातात्विक खुदाई की जा चुकी है। इसमें पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील में अभयपुर (2001-2006), बरेली जिले में गोकुलपुर (2007-11) और गजनेरा (2019-20) शामिल हैं।
डॉ. प्रिया सक्सेना, विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास और संस्कृति विभाग

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