बाराबंकी : प्रो. अमर पाल सिंह बोले- संविधान के साथ सामाजिक मूल्यों व परंपराओं की भूमिका महत्वपूर्ण

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Published By Deepak Mishra
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एक्सपर्ट टॉक 1.0 में प्रो. अमर पाल सिंह ने संवैधानिक दर्शन व सुशासन पर डाला प्रकाश

बाराबंकी, अमृत विचार। श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज द्वारा शुक्रवार को ‘एक्सपर्ट टॉक 1.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक्सपर्ट लीगल लुमिनरी के रूप में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. (डॉ.) अमर पाल सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी और कुलसचिव प्रो. (डॉ.) हेमेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय संवैधानिक दर्शन और सुशासन रहा।

अपने व्याख्यान में प्रो. अमर पाल सिंह ने सुशासन की अवधारणा, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मेटा-संविधान की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि संविधान के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों, परंपराओं और संवैधानिक संस्कृति की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के निदेशक प्रो. (डॉ.) नरेंद्र सिंह बहादुर ने की, जबकि संचालन गेस्ट लेक्चर कमेटी के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कमेटी सदस्य आस्था मिश्रा, आनंद कुमार और कुलदीप कुमार यादव के साथ किया। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्रा, डॉ. शशांक शेखर, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. विवेक मिश्रा सहित सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम मुख्य रूप से विधि संकाय के सभी वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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