पीएम सूक्ष्म योजना में यूपी अव्वल: 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक का टर्म लोन मंजूर
लखनऊ, अमृत विचार: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक 7340 प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इसके साथ ही विभिन्न बैंकों द्वारा 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया गया है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बड़ी गति मिली है।
योजना के तहत प्रति इकाई औसत 10 लाख रुपये का टर्म लोन और करीब 4 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है, जबकि प्रस्तावों की औसत स्वीकृति अवधि लगभग 100 दिन है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की तैनाती की गई है, जिन्हें प्रति इकाई स्थापना पर 20 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 267.25 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बिहार दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर हैं।
योजना के तहत असंगठित इकाइयों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये) तक क्रेडिट लिंक्ड अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ और सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक सहायता का प्रावधान है।
प्रदेश में अब तक 24,197 से अधिक इकाइयों को अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस योजना से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है।
