Moradabad: सीएम कंपोजिट विद्यालय की सरकारी जमीन कब्जे में लेने की तैयारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। सदर तहसील के धीमरी गांव में सीएम कंपोजिट विद्यालय के लिए चिह्नित सरकारी जमीन को अब जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग कब्जे में लेने की तैयारी में है। इस गांव में अवैध कब्जा हटवाने के दौरान गांव में स्थित महापौर के जमीन की बाउंड्री तोड़ दिए जाने के बाद प्रशासनिक व राजनीतिक हलचल मच गई थी।
महापौर ने मामले में डीएम, मंडलायुक्त से आपत्ति जताकर प्रशासनिक कार्रवाई में मनमानी व लापरवाही से अपने जमीन की बाउंड्री तोड़ने पर नाराजगी जताई थी। हालांकि अगले ही दिन डीएम अनुज सिंह ने महापौर की मौजूदगी में फिर से पैमाइश कराई।
धीमरी गांव में सीएम कंपोजिट विद्यालय के लिए सरकारी भूमि चिह्नित की गई है। इस पर बाउंड्री न होने के चलते आसपास कुछ लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया था। जिसकी जानकारी पर जिला प्रशासन के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर राममोहन मीना के नेतृत्व में राजस्व टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण हटवाया।
लेकिन इस दौरान वहां महापौर के जमीन की बाउंड्री भी तोड़ दी गई। जिसके बाद खूब हो हल्ला मचा। महापौर विनोद अग्रवाल ने पहले जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से राजस्व टीम व एसडीएम सदर पर लापरवाही व मनमानी का आरोप लगाकर आपत्ति जताई।
बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी पत्र लिखकर पार्टी में 40 साल की सेवा की याद दिलाकर छवि बिगाड़ने के प्रयास का आरोप भी प्रशासन पर लगाया था। स्थानीय राजस्व विभाग पर अविश्वास जताते हुए उन्होंने दूसरे जिले के अधिकारी के द्वारा दोबारा पैमाइश कराने की मांग की। जिस पर मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने अमरोहा की अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को जिम्मेदारी सौंपी।
उनके नेतृत्व में टीम राजस्व अभिलेखों का अध्ययन करने के अलावा मौके को भी देखा। अब वहां फाइनल पैमाइश होनी है। इसी बीच प्रशासन अब सीएम कंपोजिट विद्यालय की चिह्नित सरकारी जमीन को कब्जे में लेने की तैयारी में है। जिला प्रशासन का कहना है कि पैमाइश पूरी हो चुकी है। एक दो दिन में चिह्नित जमीन अपने कब्जे में ली जाएगी।
