वाराणसी से सीएम योगी ने किया ‘स्कूल चलो अभियान’ का आगाज, कहा- पहले की सरकार में स्कूल की हालत बहुत खराब थी
वाराणसी, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के कंपोजिट विद्यालय शिवपुर से स्कूल चलो अभियान का भव्य शुभारंभ किया। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए चलाए जा रहे इस अभियान का पहला चरण 1 से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 से 15 जुलाई तक आयोजित होगा।
इस अवसर पर उन्होने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाणपत्र या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संस्कार, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन काया कल्प' के तहत प्रदेश के एक लाख 36 हजार से अधिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। वहीं 'ऑपरेशन निपुण' के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूलों में शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिसे अब दूर किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और 'शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां' पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां वितरित कीं तथा निपुण विद्यालयों और विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। कार्यक्रम में मंत्री राकेश सचान, संदीप सिंह, रवीन्द्र जायसवाल, अनिल राजभर, मेयर अशोक तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अभियान के तहत नामांकन बढ़ाने, बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें और बैग वितरित करने तथा जन जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर रहेगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के साथ ही सभी जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिनमें जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और छात्रों ने भाग लिया। विद्यालयों में रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर इसे जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हर बच्चे का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। साथ ही सभी कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया है।
