UP में फार्मर रजिस्ट्री के लिए 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान, ग्राम सचिवालयों में लगेंगे कैंप, जानिए इसके फायदे
लखनऊ। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सचिवालय में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समेत अन्य कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों के माध्यम से शेष कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और नाम या अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों का मौके पर ही निराकरण किया जाए। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
लेखपालों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका तय की गई है, ताकि हर पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कैंप के दौरान किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी दी जाए और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाया जाए। प्रदेश में अब तक 1,72,06,355 किसानों को पीएम किसान योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है, हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण से वंचित हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल किसानों का सटीक डाटाबेस तैयार होगा, बल्कि भविष्य में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी भी आएगी।
साथ ही किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करने और तय समयसीमा के भीतर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
