यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय को दिए 1368 करोड़, सरकार ने दी प्रशासनिक-वित्तीय मंजूरी
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय भुगतान के लिए 1368.46 करोड़ रुपये (136846.10 लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से दो शासनादेश जारी किए गए हैं।
शासनादेश के अनुसार, यह धनराशि समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के अंतर्गत मानदेय मद में व्यय की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित योजना में ही किया जाएगा और किसी अन्य मद में खर्च की अनुमति नहीं होगी।
शासन ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक को जिम्मेदारी दी है कि वे धनराशि के उपयोग पर कड़ी निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि पूर्व में आवंटित धन पूरी तरह खर्च होने के बाद ही नई राशि जनपदों को जारी की जाए। इस निर्णय से प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने को किया है वादा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 मार्च को लोकभवन में आयोजित स्मार्टफोन व नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों-सहायिकाओं को स्मार्टफोन देते हुए कहा कि जब कार्य प्रणाली स्मार्ट हो रही है, तो मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए और इसे जल्द सम्मानजनक बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि कार्यकत्रियों का मानदेय ₹4,000 तक और सहायिकाओं का ₹3,000 तक बढ़ाया जा सकता है, जो अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है। वर्तमान में, कार्यकत्रियों को कुल ₹8,000 और सहायिकाओं को ₹3,000 के आसपास मानदेय मिलता है।
