अयोध्या: डीआईओएस की संस्तुति नहीं मानी, अब अदालत ने दिया आदेश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या। व्यायाम शिक्षक के खिलाफ कनौसा कान्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज की पूर्व प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने साजिश कर झूठी शिकायत कराई और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए नौकरी से निकाल दिया। मामले की जांच में जिला विद्यालय निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। अब अदालत ने धोखाधड़ी …

अयोध्या। व्यायाम शिक्षक के खिलाफ कनौसा कान्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज की पूर्व प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने साजिश कर झूठी शिकायत कराई और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए नौकरी से निकाल दिया। मामले की जांच में जिला विद्यालय निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। अब अदालत ने धोखाधड़ी और साजिश के इस मामले में कैंट थाना पुलिस को मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना का आदेश दिया है। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सर्वेश कुमार मिश्र की अदालत से हुआ है।

व्यायाम शिक्षक रमेंद्र सिंह के अधिवक्ता रवि प्रकाश पाठक ने बताया कि अदालत ने प्रधानाचार्य सिस्टर शांता शर्मा, पूर्व प्रबंधक निर्मला मार्टीन, शिक्षिका लिंडा थामस, जैस्मिन इब्राहिम के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। रिकाबगंज निवासी रमेंद्र सिंह की 2011 में जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुमोदन से कनौसा कान्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज में व्यायाम शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई थी।

व्यायाम शिक्षक को विद्यालय अवधि के बाद भी परिसर में रहने एवं निजी कार्य करने को बाध्य किया जाता था,विरोध करने पर शिक्षिका लिंडा थामस और जैस्मिन इब्राहिम के सहयोग से साजिशन छात्राओं अदबिया बानो, मुस्कान सावलानी, रितिका तिवारी, परणिता राज ,नीलम निषाद, अनीता निषाद, नेहा वर्मा को निष्कासित करने की धमकी देकर झूठी शिकायत कराई गई। कूट रचित दस्तावेज से उनको संविदा शिक्षक बता 15 अक्टूबर 2018 को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

निर्मला मार्टिन इस आदेश के समय विद्यालय की  प्रबंधक भी नहीं थी। साजिश के तहत व्यायाम शिक्षक की प्रबंध समिति की ओर से विज्ञापन के आधार पर की गई नियुक्ति के अभिलेख गायब कर दिए गए। 29 अप्रैल 2019 को व्यायाम शिक्षक विद्यालय गया तो फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा परिवार समेत भाड़े के अपराधियों से हत्या करवाने की धमकी दी गई। एसएसपी से शिकायत और जिला विद्यालय निरीक्षक की संस्तुति के बावजूद  रिपोर्ट और कार्रवाई ना होने पर शिक्षक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

संबंधित समाचार