Bareilly : हज पर जा रहीं नगमा किन्नर, बोलीं-देश की तरक्की और भाईचारे के लिए मांगूंगी दुआएं 

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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पीलीभीत की नगमा किन्नर 17 अप्रैल को लखनऊ से सऊदी अरब के लिए होंगी रवाना 

बरेली, अमृत विचार। नगमा किन्नर के चेहरे पर सुकून है। हज करने की उनकी एक तमन्ना, जो दो वर्षों के संघर्ष के बाद अब पूरी होने जा रही है। हज से जुड़े नियम-कायदे सीख लिए हैं। साथियों से गिले-शिकवों की माफी मांग ली है। नगमा कहती हैं कि, "काबे के दीदार के लिए मेरी आंखें बेताब हैं। अपने प्यारे वतन हिंदुस्तान की तरक्की और भाईचारे के लिए के लिए विशेष दुआ मांगूंगी"।

करीब 50 वर्षीय नगमा किन्नर मूलरूप से पीलीभीत जनपद के जोगराजपुर गांव की रहने वाली हैं। दो वर्षों से हज पर जाने की कोशिश में जुटी थीं। इस बार उन्हें मौका मिला और वह हज अदा करने जा रही हैं। आगामी 17 मई को लखनऊ से सऊदी अरब के लिए उनकी फ्लाइट है। 

हालांकि नगमा के लिए हज के खर्चे का बंदोवस्त करना बहुत आसान नहीं था। अभी करीब 4 लाख रुपये खर्च है। उन्होंने मेहतन से पैसे जुटाए। रोजा, नमाज की पाबंदी की और अब वह हज के सफर पर जा रही हैं। 

बरेली हज सेवा समिति के प्रशिक्षण में उन्होंने हज के नियम-कायदों की ट्रेनिंग ली। ट्रेनर यासीन कुरैशी ने नगमा को एहराम बांधने से लेकर अन्य तरीके बताए। कैंप में टीकाकरण हुआ। 

समित के संस्थापक पम्मी खां वारसी कहते हैं कि नगमा किन्नर ने फोन के जरिये संपर्क किया था। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया गया।  

पम्मी वारसी कहते हैं कि वैसे तो नगमा का सफर व्यक्तिगत आस्था का विषय है, लेकिन ये काफी प्रेरणादायक है। मजबूत इरादे और नेक नीयत के साथ उन्होंने पैसों की व्यवस्था की। 

हज इस्लाम के पांच फर्जों (कर्तव्यों) में से एक है, जो आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम हर व्यक्ति को पूरा करना होता है।

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