Bareilly:पुलिस की कहानी नकारी...मौलाना की पत्नी बोली तौसीफ की मॉब लिंचिंग हुई

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। बिहार से बरेली उर्स में आए मौलाना तौसीफ रजा की मौत मामले में पत्नी तबस्सुम खातून ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई । उन्होंने इसे मॉब लिंचिंग बताया। उन्होंने पुलिस की थ्योरी को झूठी कहानी बताया।

बिहार के किशनगंज से बरेली पहुंची तबस्सुम ने कहा कि 26 अप्रैल की रात जो कुछ हुआ, वह कोई सामान्य हादसा नहीं था। पुलिस इसे गर्मी और नींद के झोंके के कारण गेट से गिरने की घटना मान रही है, वहीं तबस्सुम ने आरोप लगाया कि तौसीफ जिम्मेदार इंसान थे और वह लापरवाही से गेट पर नहीं बैठ सकते थे। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ट्रेन में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद ट्रेन से धक्का दे हत्या कर दी। तबस्सुम ने घटना को ''मॉब लिंचिंग'' करार दिया। कहा कि पति को मजहबी पहचान के कारण मारपीट कर ट्रेन से फेंका गया है।

निकाह को दो साल भी न हुए
तबस्सुम ने बताया कि उनका निकाह 19 मई 2024 को हुआ था। उनकी शादी को दो साल भी नहीं हुए थे कि उनका घर उजड़ गया। तौसीफ रजा ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनसे पूरे परिवार का खर्च चलता था। अब उनके पीछे उनकी वृद्ध सास-ससुर हैं, जिनका सहारा छिन गया है। तबस्सुम ने कहा कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगी जब तक उनके पति के कातिलों को सजा नहीं मिल जाती।

एआईएमआईएम नेता नदीम ने किए तीखे सवाल
एआईएमआईएम के प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी ने कहा कि दाढ़ी-टोपी वालों पर फिरकापरस्त ताकतों के लोग लगातार हमले कर रहे हैं। उनके साथ ''मॉब लिंचिंग'' की जा रही है। सरकार को सख्त और गंभीर कानून बनाना चाहिए। मौलाना तौसीफ रजा के साथ ट्रेन में जो हुआ, वह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी वारदात है। हम आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त मुकदमा दर्ज कराकर न्याय की मांग करेंगे।

काबिल आलिम को ट्रेन से फेंका गया
दरगाह आला हजरत और मजहर-ए-इस्लाम मदरसे के मुफ्ती तौसीफ नूरानी ने मौलाना तौसीफ रजा की मौत पर गहरा रोष व्यक्त किया। कहा कि मौलाना तौसीफ रजा मजहरी निहायत काबिल और नेक आलिम-ए-दीन थे। उन्होंने 2018 में हमारे मदरसे से ही तालीम पूरी की थी। इस साल वे ताजुश्शरिया के उर्स में शामिल होने आए थे। मौलाना की पत्नी ने जो साक्ष्य और वीडियो कॉल का जिक्र किया है, उससे साफ है कि यह हादसा नहीं बल्कि हमला था।

 

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