Bareilly:एक साल में ढह गया भ्रष्टाचार का ओवरहेड टैंक, लखनऊ की टीम करेगी जांच

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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भमौरा, अमृत विचार।आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदार नगर में करोड़ों रुपये की लागत से बना ओवरहेड टैंक महज एक साल के भीतर ढह गया। इस हादसे ने विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। पूरे मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जल निगम की एक्सईएन कुमकुम गंगवार से टंकी निर्माण से संबंधित विस्तृत जानकारी तलब की है। लखनऊ से एक विशेष टीम पिलर धंसने और निर्माण की गुणवत्ता की गहनता से जांच करेगी ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

बता दें कि सोमवार शाम करीब 5:45 बजे टैंक के भरभराकर गिरने से पास में ताश खेल रहे पांच ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित इंजीनियरों की सेवाएं समाप्त कर दीं। अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया गया है, जबकि एई और जेई से भी जवाब तलब किया गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से बने इस टैंक के निर्माण में शुरू से ही अनियमितताएं बरती जा रही थीं। आरोप है कि मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे रहे। रविवार को हुई बारिश के बाद टैंक के पिलर कमजोर होकर जमीन में धंस गए, जिससे सोमवार को पूरा ढांचा ढह गया।

हादसे में डोरी लाल, अर्जुन, वीरपाल, रविंद्र और नन्कू उर्फ वेदपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। जेसीबी से मलबा हटाया गया, लेकिन इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्राम प्रधान पति सरताज ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य हैदराबाद की कंपनी एनसीसी कंस्ट्रक्शन द्वारा किया गया था। कई बार शिकायतों के बावजूद न तो ठेकेदार ने ध्यान दिया और न ही अधिकारियों ने कार्रवाई की। ग्रामीण संजीव पाठक का कहना है कि पूरे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार साफ दिख रहा था, लेकिन जांच केवल कागजों तक सीमित रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया है। डीएम अविनाश सिंह ने रात में अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद वे रात में ही गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा घायलों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

 

 

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