UP RERA का बड़ा फैसला : अब मात्र 1,000 रुपये में ट्रांसफर होगा फ्लैट, बिल्डरों की मनमानी खत्म

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (उप्र रेरा) ने एक अहम फैसले में मूल आवंटनकर्ता की मृत्यु होने पर उसके कानूनी वारिसों को फ्लैट हस्तांतरित करने के लिए अधिकतम शुल्क एक हजार रुपये तय किया है। उप्र रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बुधवार को बताया कि अब विकासकर्ता या प्रवर्तक को मृतक आवंटी के जीवनसाथी, बेटे या बेटी को एक हजार रुपये के मामूली शुल्क लेकर फ्लैट हस्तांतरित करना होगा।

भूसरेड्डी ने यूपी रेरा के 10 साल पूरे होने पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राधिकरण को कई शिकायतें मिली थीं जिनमें बिल्डर कथित तौर पर ऐसे हस्तांतरण के लिए मनमाना शुल्क वसूल रहे थे और कभी-कभी यह धनराशि लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी। भूसरेड्डी ने कहा, ''कुछ मामलों में शुल्क 200 रुपये से लेकर एक हजार रुपये प्रति वर्ग फुट तक होती थी, जिससे कुल रकम 25-30 लाख रुपये तक पहुंच जाती थी। यह गलत है, खासकर तब जब आवंटनकर्ता पहले ही फ्लैट की पूरी कीमत चुका हो।''

उन्होंने कहा कि इन शिकायतों के बाद प्रशासनिक और मानक शुल्क से सम्बन्धित नियम 47 को संशोधित किया गया है ताकि उत्तराधिकार या आवंटन हस्तांतरण के मामलों में प्रवर्तकों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क को नियंत्रित किया जा सके। भूसरेड्डी ने बताया कि संशोधित प्रावधानों के तहत खून के रिश्तों में आने वाले कानूनी वारिसों को फ्लैट हस्तांतरण करने पर अधिकतम एक हजार रुपये का प्रसंस्करण शुल्क लगेगा।

उन्होंने बताया कि कानूनी वारिस को मूल आवंटी का मृत्यु प्रमाण पत्र, किसी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी वारिसों से अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। भूसरेड्डी ने कहा कि परिवार के बाहर के लोगों को फ्लैट हस्तांतरित करने पर अधिकतम 25 हजार रुपये शुल्क लिया जा सकता है लेकिन ऐसे मामलों में कोई नई बिक्री विलेख या पट्टा समझौता नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का मकसद बिल्डरों द्वारा की जाने वाली गलत हरकतों पर रोक लगाना और आवंटनकर्ता की मृत्यु के बाद संपत्ति के अधिकारों के हस्तांतरण के लिए एक पारदर्शी और मानक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। 

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