बरेली: नगर निगम के 25 लाख के कंबल पर आडिट आपत्ति, बजट आवंटित नहीं
अमृत विचार, बरेली। पिछले साल ठंड के मौसम में 25 लाख रुपये से खरीदे गए कंबल जिम्मेदारों के गले की फांस बन गए हैं। इस पर लेखा परीक्षा विभाग ने आपत्ति जताई है। कंबलों का वितरण प्रमाण पत्र न दे पाने के कारण इस बार कंबल की खरीदारी नहीं होगी। नगर निगम के अफसर इस …
अमृत विचार, बरेली। पिछले साल ठंड के मौसम में 25 लाख रुपये से खरीदे गए कंबल जिम्मेदारों के गले की फांस बन गए हैं। इस पर लेखा परीक्षा विभाग ने आपत्ति जताई है। कंबलों का वितरण प्रमाण पत्र न दे पाने के कारण इस बार कंबल की खरीदारी नहीं होगी। नगर निगम के अफसर इस बार कंपनियों के सीएसआर (निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) फंड के सहारे गरीबों की ठंड दूर करने में जुटे हैं। इसके कारण इस बार पार्षदों के हाथ कंबल नहीं आने वाला है।
2019 के नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में सभी पार्षदों को 100-100, मेयर को 2000 कंबल वितरित करने के लिए 25 लाख का बजट पास किया गया था। मोटी रकम अवमुक्त होने के बाद जिम्मेदार अफसरों ने निविदा निकलकर कंबल सप्लाई लिया। एक निजी संस्था से कंबल की खरीदारी की गई।
साथ ही 100 की जगह पार्षदों को 50 कंबल क्यों दिए गए। ऑडिट विभाग ने कंबल वितरण के बजट की जांच शुरू की और कितने कंबल आए, किसको दिए गए, हिसाब जैसे सवालों के जवाब निगम के जिम्मेदार अफसर नहीं दे पाए। बस, एक ही जवाब मिला है कि सभी पार्षदों को कंबल दे दिए गए हैं। इस जवाब पर ऑडिट विभाग आपत्ति जता रहा है कि अगर वितरण किया गया तो अभी तक कार्यपूर्ति के दस्तावेज क्यों जमा नहीं किए गए। अगर पार्षदों सहित अफसरों ने कंबल बांटा है, उनसे प्रमाण पत्र क्यों नहीं जमा कराया। ऑडिट विभाग की सख्ती के बाद कुछ कर्मचारियों सकते में आ गए हैं।
फिलहाल मामले में जिम्मेदार अधिकारी घिरते नजर आ रहे हैं। इसे लेकर निगम में चर्चाओं ने जोर पकड़ा तो इसका असर इस बार पड़ता नजर आ रहा है। नगर निगम के बजट में गरीबों के कंबल के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण 25 दिसम्बर तक भी कंबल वितरण नहीं किया गया है। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो नगर निगम ने इस बार समाज सेवी संस्थाए और कंपनी से सीएसआर फंड के सहयोग लेने की योजना बनाई है। अब देखना है कि सीएसआर फंड के जरिए कंबल जुटाने में नगर निगम कितना सफल हो पाता है।
