भारत-बांग्लादेश 'मैत्री पुल' को जल्द चालू करने की तैयारी, सब्रूम से रामगढ़ तक बढ़ेगा व्यापार
अगरतला। त्रिपुरा सरकार भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय मैत्री पुल को जल्द से जल्द चालू करने के लिए प्रयासरत है, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संताना चकमा ने यह जानकारी दी। चकमा ने पुल के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और इसे शुरू करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का जिक्र किया। यह पुल भारत और बांग्लादेश के बीच वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह विशेष रूप से त्रिपुरा और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
वाणिज्य मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पुल माल परिवहन की दक्षता और समय की बचत करेगा, जिससे अंततः सीमा पार व्यापार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।
चकमा ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच बेहतर यात्रा और संचार की सुविधा प्रदान करके पर्यटन को बढ़ावा देने की मैत्री पुल की क्षमता के बारे में आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मज़बूत द्विपक्षीय मित्रता और सहयोग के प्रतीक के रूप में देखा जाने वाला यह पुल, जो भारत के सब्रूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के बीच सकारात्मक उम्मीदें जगा रहा है, जो दोनों देशों के बीच बेहतर संपर्क और व्यापार की आशा रखते हैं।
