स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज, कार्यवाही से अलग हुए हाईकोर्ट जज

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Published By Anjali Singh
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प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुक्तानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ दायर अवमानना याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। आशुतोष महाराज ने प्रयागराज में पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया था। 

अवमानना याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने कहा कि यदि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो याचिकाकर्ता के पास इस अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन दाखिल करने का वैधानिक उपाय उपलब्ध है। 

इससे पहले न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस अवमानना याचिका पर सुनवाई से स्वयं को यह कहते हुए अलग कर लिया था कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मामला न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की अदालत को सौंप दिया था। 

याचिका में आरोप लगाया गया था कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कई सभाएं कर रहे हैं और सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, जो अदालत के आदेश का उल्लंघन है। 

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