Bareilly: चौंका रहे निगम के आंकड़े...शहर में सिर्फ दो सौ पालतू कुत्ते
बरेली, अमृत विचार। शहर में हर दूसरी गली और पॉश सोसायटियों में पिटबुल, जर्मन शेफर्ड जैसी आक्रामक नस्लों के हजारों कुत्ते पाले जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम में पालतू कुत्तों के पंजीकरण के आंकड़े चौकाने वाले हैं। पूरे शहर में सिर्फ दो सौ पालतू कुत्ते हैं। नियमों को ताक पर रखकर लोग बड़ी संख्या में घरों में कुत्तों को पाल रहे हैं, मगर इनका पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। आक्रामक नस्ल के कुत्ते लोगों पर हमलावर हो रहे हैं।
सड़कों पर घूम रहे आवारा कुत्तों की बढ़ती फौज को रोकने के लिए करोड़ों का बजट फूंककर नदौसी में बना एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर शो-पीस बनकर रह गया है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण नहीं हो रहा है। आवारा कुत्तों के आतंक के चलते शाम ढलते ही बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निगम तब तक नहीं जागता जब तक कोई बड़ी घटना न हो जाए। हालांकि, इस गंभीर समस्या को देखते हुए अब निगम जल्द पॉश कॉलोनियों में चेकिंग अभियान चलाने की बात कह रहा है।
मुंह पट्टी व पट्टा बांधने का नियम कागजों तक सीमित
नियमों के मुताबिक पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों, जैसे पार्कों, लिफ्ट या सड़कों पर ले जाते समय उनके मुंह पर मजल (मुंहपट्टी) लगाना और उन्हें मजबूत लीश (पट्टा) से बांधकर रखना अनिवार्य है। इसके अलावा, डॉग ओनर की यह जिम्मेदारी है कि वह सार्वजनिक जगहों को गंदा न होने दें। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। शहर के पार्कों और सोसायटियों में लोग बिना किसी सुरक्षा के कुत्तों को खुलेआम टहलाते हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों में डर बना रहता है।
पिटबुल, रोटवीलर जैसी 23 खूंखार नस्लों पर है प्रतिबंध
देशभर में बढ़ रहे जानलेवा हमलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिटबुल, रोटवीलर, टेरियर, वोल्फ डॉग और मस्टिफ जैसी 23 आक्रामक विदेशी नस्लों के कुत्तों के आयात, बिक्री और ब्रीडिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। गाइडलाइंस के अनुसार इन प्रतिबंधित नस्लों के जो कुत्ते पहले से घरों में पाले जा रहे हैं, उनकी भी तुरंत नसबंदी (स्टरलाइजेशन) कराना अनिवार्य है, ताकि उनकी आबादी आगे न बढ़े। बावजूद शौक के चक्कर में लोग दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि निगम जल्द ही पॉश कॉलोनियों और सोसायटियों में चेकिंग अभियान शुरू करने जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मुंहपट्टी (मजल) और पट्टे के कुत्ते टहलाने वाले मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
