मानव सुथार : छोटे शहरों के सपनों की बड़ी उड़ान

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Published By Deepak Mishra
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अमरपाल सिंह वर्मा
वरिष्ठ पत्रकार

 

राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर बसे श्रीगंगानगर के युवा क्रिकेटर मानव सुथार का भारतीय टेस्ट टीम में चयन केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि यह चयन उन युवाओं के लिए भी उम्मीद की खबर है, जो छोटे शहरों में सीमित संसाधनों के बीच अपने सपने संजोते हैं। 23 वर्षीय खब्बू खिलाड़ी मानव को अफगानिस्तान के खिलाफ घोषित टेस्ट श्रृंखला के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिलना श्रीगंगानगर, राजस्थान और उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा का क्षण है, जो यह मानते हैं कि लगातार मेहनत किसी भी खिलाड़ी को आगे ले जा सकती है।

भारत में लंबे समय तक यह धारणा रही है कि खेलों में बड़ा नाम बनाने के लिए बड़े शहरों, महंगे प्रशिक्षण केंद्रों और मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि की जरूरत होती है। क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में तो मुंबई, दिल्ली, चेन्नई या बेंगलुरु जैसे महानगरों का दबदबा स्पष्ट दिखाई देता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह तस्वीर बदल रही है। छोटे शहरों और कस्बों से निकलने वाले खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मानव सुथार की उपलब्धि बताती है कि अब छोटे शहरों के खिलाड़ियों के लिए भी रास्ते खुल रहे हैं।

श्रीगंगानगर निवासी मानव सुथार एक सामान्य परिवार से आते हैं। उनके पिता जगदीश सुथार एक स्कूल शिक्षक हैं और मां सुशीला देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने वाले मानव के लिए क्रिकेट तक पहुंचना आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत की, जिसका परिणाम आज सामने है। मानव ने मात्र 10 वर्ष की उम्र में क्रिकेट को अपना जुनून बनाकर इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था। मानव ने क्रिकेट को सिर्फ शौक नहीं, बल्कि लक्ष्य बनाया। 

स्थानीय स्तर से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे मजबूत होता गया। श्रीगंगानगर टीम के कप्तान के रूप में उन्होंने अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर सफलता दिलाई। यह उपलब्धियां केवल ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इन उपलब्धियों ने उन्हें स्थानीय क्रिकेट में एक पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने राजस्थान अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों तक अपनी जगह बनाई। प्रतिभा के साथ निरंतर प्रदर्शन कितना जरूरी होता है, यह इससे पता चलता है।

यकीनन, रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना किसी भी घरेलू खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। वर्ष 2022 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले मानव ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। मानव ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। आईपीएल में गुजरात टाइटंस की टीम का हिस्सा होना भी उनके करियर का अहम चरण रहा। भले ही उन्हें सीमित मौके मिले, लेकिन कई बार खिलाड़ी की असली परीक्षा मैदान पर कम अवसर मिलने के बावजूद खुद को तैयार रखने में होती है। जाहिर है, मानव ने धैर्य नहीं खोया। सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी और प्रदर्शन जारी रखा।

मानव का चयन राजस्थान के लिए भी महत्वपूर्ण है। लंबे अंतराल के बाद राज्य के किसी खिलाड़ी को भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिलना यह साबित करता है कि राजस्थान जैसे राज्यों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। अक्सर छोटे शहरों में खेल सुविधाओं, कोचिंग, मैदानों और आर्थिक सहयोग की कमी देखी जाती है। इसके बावजूद जब कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचता है, तो उसका असर पूरे इलाके के युवाओं पर पड़ता है। मानव सुथार की सफलता की कहानी सामाजिक दृष्टि से भी अहम है। (ये लेखक के निजी विचार हैं।)

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