Barabanki News: असलहों की नोक पर बंधक बनाकर एक करोड़ की डकैती, पुलिस गश्त के 10 मिनट बाद डकैत ने बोला धावा, इलाके में दहशत
देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के कस्बा ग्वारी में नकाबपोश असलहाधारी डकैतों ने किराना व्यवसायी के घर में घुसकर परिवार को असलहों की नोक पर बंधक बनाया और मारपीट भी की। इसके बाद डकैतों ने 14 लाख रुपये नकद के अलावा करीब 75 लाख की कीमत के जेवर बटोरे फिर आराम से फरार हो गए। घटना की खबर आग की तरह फैल गई। एसपी समेत फोर्स मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार यह घटना ग्वारी कस्बा निवासी किराना व्यवसायी आलोक जायसवाल उर्फ हिमांशु के मुख्य बाजार स्थित मकान में गुरुवार आधी रात के बाद करीब तीन बजे हुई। परिजनों के अनुसार बदमाश घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर घुस आए। इसके बाद घर में मौजूद आलोक की पत्नी प्रियंका जायसवाल, माता नंदिनी जायसवाल, बहन दीपिका और सोनाली जायसवाल के साथ दो मासूम बच्चों रुद्रांश 2 व विराज 2 माह को असलहों के बल पर बंधक बना लिया गया। इनके मोबाइल छीनकर अलग रख दिए गए। करीब चार डकैत लूटपाट में शामिल रहे तो दो को निगरानी के लिए रखा गया।
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विरोध कर रहे परिवार के सदस्यों से बदमाशों ने मारपीट भी की। बदमाश घर में रखे करीब 15 लाख रुपये नकद तथा लगभग 75 से 80 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। इनके जाने के बाद किसी तरह खुद को मुक्त कर परिजनों ने शोर मचाना शुरु किया तो लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली व चौकी पुलिस भी पहुंच गई। मारपीट में घायल नंदिनी जायसवाल और सोनाली जायसवाल को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। कुछ ही देर बाद पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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परिवार ने पुलिस को दी अहम जानकारी
किराना व्यवसायी के घर डकैती के बाद पीड़ित परिवार ने बदमाशों के हुलिये को लेकर पुलिस को कुछ अहम जानकारी दी है। प्रियंका के अनुसार बदमाशों में से एक युवक ब्लू जींस और सफेद रंग के जूते पहने हुए था व उसकी हल्की दाढ़ी भी थी, जिससे उसका चेहरा कुछ हद तक याद रह गया। वहीं बताया गया कि एक अन्य बदमाश के हाथ पर “महाकाल” नाम का टैटू बना था, जो वारदात के दौरान नजर आया।
पीड़ितों का कहना है कि बदमाशों ने चेहरे ढक रखे थे, लेकिन अफरा-तफरी और डर के माहौल में जो बातें ध्यान में आईं, उन्हें पुलिस को बताया गया है। पुलिस अब परिवार द्वारा बताए गए हुलिये, टैटू और पहनावे को जांच में शामिल कर रही। जांच टीम को उम्मीद है कि ये सुराग बदमाशों तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकते हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। किसी करीबी पर शक गहरा रहा है। जिसे घर में रुपये व जेवर की जानकारी थी। संदिग्धाें को हिरासत में लेकर पूंछतांछ की जा रही। शीघ्र घटना का खुलासा किया जाएगा।
