कानपुर में कड़े पहरे के बीच हुई सिपाही भर्ती परीक्षा, जानिए कितने अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर

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Published By Anjali Singh
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- मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई - पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया - पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई - दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चली

कानपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन सोमवार को शहर के 56 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सुबह से ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। सघन चेकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस स्कैनिंग की प्रक्रिया के चलते परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से काफी पहले केंद्रों पर पहुंचना पड़ा। कई केंद्रों पर अभ्यर्थी हाथों में जूते लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए।

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पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई। इसमें 19,440 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 14,897 ने परीक्षा दी, जबकि 4,543 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चली, जिसमें 14,873 अभ्यर्थी शामिल हुए और 4,567 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह पहले दिन कुल 9,110 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कल्याणपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रवेश द्वार पर ही जूते उतारने के निर्देश दिए गए। पुरुष अभ्यर्थियों के बाल और दाढ़ी तक की बारीकी से जांच की गई। 

मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन, रेटिना स्कैन और फेस स्कैनिंग पूरी होने पर ही प्रवेश दिया गया। उधर, कई अभ्यर्थियों ने सामान्य अध्ययन (जीएस) के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन होने की बात कही। उनका कहना था कि प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगने से पेपर पूरा करने में दिक्कत हुई। 

परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने दयानंद गर्ल्स इंटर कॉलेज पहुंचकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जीआईसी, जीआईसी गर्ल्स इंटर कॉलेज चुन्नीगंज, हरसहाय पीजी कॉलेज, ज्वाला देवी विद्या मंदिर, सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज और गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज समेत कई केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

बोले अभ्यर्थी-

उन्नाव से परीक्षा देने आए मृदुल मिश्रा ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा। अधिकांश प्रश्न तैयारी के अनुरूप थे, जिससे पेपर अच्छा हुआ। हालांकि सामान्य अध्ययन (जीएस) का सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन लगा और उसमें कुछ प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया। फिर भी उन्हें अच्छे अंक की उम्मीद है।

गोंडा से आए अभ्यर्थी शिवदीन यादव ने बताया कि परीक्षा का पेपर कुल मिलाकर अच्छा रहा। सवाल बहुत कठिन नहीं थे, लेकिन समय की कमी सबसे बड़ी चुनौती रही। उनका कहना था कि यदि कुछ और मिनट मिल जाते तो वे उत्तरों की दोबारा समीक्षा कर सकते थे।

झांसी से परीक्षा देने पहुंचे संजय राजपूत ने कहा कि पेपर ठीक-ठाक रहा और प्रश्न उनके अध्ययन के अनुरूप आए। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र में कुल 150 सवाल थे और उन्होंने सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास किया। उन्हें उम्मीद है कि उनकी तैयारी का बेहतर परिणाम मिलेगा।

रायबरेली से आए संदीप यादव इस बार दूसरी बार सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि पिछली बार के अनुभव का उन्हें फायदा मिला। उनके अनुसार इस बार प्रश्न पढ़े हुए और तैयारी के अनुरूप आए, जिससे पेपर हल करने में अधिक परेशानी नहीं हुई।

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